भारत में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। देश में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के 80 लाख से ज़्यादा टीके लगाए जा चुके…
मंत्रालय ने अपने पोस्ट में कहा, "हर टीकाकरण के साथ, भारत अपनी बेटियों के लिए एक स्वस्थ, कैंसर-मुक्त भविष्य की ओर एक और कदम बढ़ा रहा है।" यह टीकाकरण एचपीवी संक्रमण और उससे…
ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) एक ऐसा वायरस है जो कई तरह के कैंसर का कारण बन सकता है, जिनमें सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा), गुदा (एनल) और गले का कैंसर प्रमुख हैं। यह जननांग में…
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह टीका उन हाई-रिस्क एचपीवी स्ट्रेन्स से बचाता है जो लगभग 90 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर के मामलों के लिए ज़िम्मेदार होते हैं। यह न केवल लंबे समय तक सुरक…
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वैक्सीन का सबसे ज़्यादा असर तब होता है जब इसे 9 से 14 साल की उम्र में दिया जाए। इस आयु वर्ग के लिए आमतौर पर दो डोज़ की ज़रूरत होती है, हालांक…
वहीं, 15 से 26 साल के लोगों के लिए 'कैच-अप' टीकाकरण के तौर पर छह महीने के भीतर तीन डोज़ दी जाती हैं। कुछ मामलों में 45 साल तक के वयस्क भी यह टीका लगवा सकते हैं। हालांकि,…
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