बच्चे क्या बोलते हैं, इससे कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण यह है कि वे अपनी बात कैसे कहते हैं। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक नए शोध में यह बात सामने आई है कि बच्चों के बात करने का…
यह शोध प्रतिष्ठित जर्नल 'नेचर मेंटल हेल्थ' में प्रकाशित हुआ है। इसमें शोधकर्ताओं ने 9 से 13 साल की उम्र के 200 से ज़्यादा बच्चों के साथ उनके जीवन के तनावपूर्ण अनुभवों पर…
अक्सर किशोरावस्था में ही डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी समस्याएं शुरू होती हैं, और एक बार विकसित हो जाने पर इनका इलाज मुश्किल हो सकता है। अब तक, बच्चों में मानसिक स्वास्थ्य क…
अध्ययन के प्रमुख लेखक और स्टैनफोर्ड में न्यूरोसाइंस के डॉक्टरेट छात्र चेस एंटोनैकी ने कहा कि यह शोध इस बात का पुख्ता सबूत है कि भविष्य में ऐसे सरल उपकरण विकसित किए जा सकत…
विश्लेषण में पाया गया कि बच्चों ने अपनी बातचीत में "और", "लेकिन", "से", "तक" जैसे छोटे संयोजक शब्दों का इस्तेमाल कैसे किया, यह उनके भविष्य के मानसिक स्वास्थ्य का ज़्यादा…
हालांकि, कुछ खास तरह के अनुभवों का भी असर दिखा। जिन बच्चों ने गंभीर शारीरिक हिंसा, मारपीट या सामाजिक अलगाव जैसी घटनाओं का जिक्र किया, उनमें भविष्य में मानसिक समस्याओं का…
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