अल्जाइमर को अक्सर बुढ़ापे की बीमारी माना जाता है, लेकिन इसके लक्षण दिखने से कई साल पहले ही दिमाग में बदलाव शुरू हो जाते हैं। अब एक नई स्टडी ने इस दिशा में एक बड़ी उम्मीद…
समाचार एजेंसी IANS की इस रिपोर्ट के अनुसार, वैज्ञानिकों ने अध्ययन में अधेड़ उम्र के लोगों के खून में कुछ विशेष बायोमार्कर्स की जांच की। इन बायोमार्कर्स में फॉस्फोराइलेटेड…
शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन प्रतिभागियों के खून में ये बायोमार्कर्स अल्जाइमर से जुड़े पाए गए, उनका प्रदर्शन सोचने-समझने और याददाश्त से जुड़े परीक्षणों में तुलनात्मक रूप से…
इस शोध में यह भी सामने आया कि इन बायोमार्कर्स का संबंध लिंग, नस्लीय समूह और APOE जीन के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। कुछ विश्लेषणों में यह संबंध अश्वेत प्रतिभागियों, APOE4…
यह अध्ययन इस विचार को बल देता है कि अल्जाइमर अचानक शुरू होने वाली बीमारी नहीं, बल्कि एक लंबी प्रक्रिया है जिसके जैविक संकेत सालों पहले मिल सकते हैं। अगर सस्ते और आसान ब्ल…
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