पश्चिम बंगाल के चर्चित शिक्षक भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच का दायरा और कस दिया है। एजेंसी ने कोलकाता की एक विशेष पीएमएलए अदालत में पूर्व मंत्री पा…
ईडी ने अपनी जांच में पाया है कि यह पूरा घोटाला एक सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया, जिसमें नौकरी के बदले रिश्वत का एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। इसमें मुख्य बिचौलिए के…
जांच के मुताबिक, अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरी देने के लिए कई गैर-कानूनी तरीके अपनाए गए। इनमें ओएमआर शीट के अंकों में हेरफेर करना, मेरिट लिस्ट में रैंक को ऊपर-नीचे करना, फर…
पार्थ चटर्जी की भूमिका और पैसों का लेन-देन
एजेंसी ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी का पश्चिम बंगाल केंद्रीय स्कूल सेवा आयोग (WBCSSc) पर पूरा नियंत्रण था। आरोप है कि उन्होंने अपने पद का…
घोटाले में पदों के हिसाब से अलग-अलग रकम वसूली गई। ग्रुप-सी पदों के लिए 15-16 लाख रुपए और ग्रुप-डी पदों के लिए 10-12 लाख रुपए तक लिए गए। कुछ मामलों में यह रकम 20 लाख रुपए…
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