झारखंड में एक महिला को आपराधिक मामले में बरी होने के बाद भी कथित तौर पर अवैध हिरासत में रखने और उसके साथ दुष्कर्म के आरोपों पर झारखंड हाईकोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है।…
यह पूरा मामला सामाजिक कार्यकर्ता अपूर्व विवेक द्वारा दायर एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका से संबंधित है, जिसमें महिला को हजारीबाग के डिटेंशन सेंटर में रखे जाने को चुनौती दी…
सुनवाई के दौरान झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) ने हजारीबाग की जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की जांच रिपोर्ट एक सीलबंद लिफाफे में अदालत को सौंपी। इस रिपोर…
अदालत को बताया गया कि महिला फॉरेनर्स एक्ट के तहत तीन साल की सजा पूरी कर चुकी थी। इस पर खंडपीठ ने जोर देकर पूछा कि सजा पूरी होने के बाद भी उसकी हिरासत जारी रखने की कानूनी…
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में शामिल हुए हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक ने आरोपी कांस्टेबल के खिलाफ जांच करने और महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। ख…
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