पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक संकट के बाद ईंधन बाज़ार में उत्पन्न अव्यवस्था से निपटने के लिए लगाई गई अस्थायी पाबंदियों को अब हटाने का वक्त आ गया है। केंद्र सरकार ने फैसला क…
IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 29 जून को यह घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के खुदरा बिक्री कें…
दरअसल, पश्चिम एशिया में छिड़े भू-राजनीतिक संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल और ईंधन की कीमतें तेज़ी से चढ़ गई थीं। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने देश में खुदरा…
लेकिन इसी स्थिरता का एक उलटा असर यह हुआ कि खुदरा और थोक कीमतों के बीच का अंतर बढ़ता गया। इसका फ़ायदा उठाते हुए कई औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ता निर्धारित उपभोक…
इन्हीं हालात को काबू में करने के लिए सरकार ने 12 जून 2026 को दो अहम अस्थायी कदम उठाए थे:
पहला — खुदरा पेट्रोल पंपों पर प्रति ग्राहक या वाहन प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर हाई स्पीड डीजल देने की सीमा तय की गई।
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