रूस-यूक्रेन युद्ध: अमेरिकी प्रतिबंध 60 दिनों के लिए क्यों टले? विदेश मंत्री ने बताई वजह
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रही बातचीत को एक मौका देने के लिए प्रतिबंधों को 60 दिनों के लिए स्थगित किया है। समाचार…
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रही बातचीत को एक मौका देने के लिए प्रतिबंधों को 60 दिनों के लिए स्थगित किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, उज्बेकिस्तान में दिए एक बयान में उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य युद्ध के एक और विनाशकारी साल को टालने की संभावनाओं को तलाशना है।
रूबियो ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच यह संघर्ष समाप्त हो। उन्होंने बताया कि ट्रंप अक्सर इस बात का उल्लेख करते हैं कि इस युद्ध में हर महीने लगभग 25,000 लोग मारे जा रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री के मुताबिक, “इस युद्ध में कोई नहीं जीत रहा है। हर दिन लोग मारे जा रहे हैं और हर दिन तबाही हो रही है।”
व्यापार और कूटनीति
उज्बेकिस्तान के ऐतिहासिक शहर समरकंद के रेगिस्तान चौक पर सोमवार को रूबियो ने अमेरिकी व्यापार नीति पर भी बात की। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका दुनिया के हर हिस्से में अपनी कंपनियों के लिए निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का अवसर चाहता है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दुनिया के हर उस हिस्से में, जो अमेरिकी कारोबार के लिए अपने दरवाजे खोल रहा है, हमारी कंपनियां भी उपलब्ध हों।”
इस दौरे पर रूबियो के साथ लगभग 300 अमेरिकी कारोबारी कंपनियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी है, जो उज्बेकिस्तान के साथ व्यापार और आर्थिक सहयोग के नए अवसर तलाशने आया है। उन्होंने पिछले एक दशक में उज्बेकिस्तान द्वारा हासिल की गई आर्थिक प्रगति और समृद्धि की सराहना भी की।
युद्ध खत्म करने के प्रयास
रूस-यूक्रेन युद्ध पर अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि ट्रंप प्रशासन इसे समाप्त कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, हालांकि अब तक वैसी प्रगति नहीं हुई है जैसी अमेरिका चाहता था। उन्होंने यह भी दोहराया कि राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि यदि वह उस समय राष्ट्रपति होते, तो यह युद्ध शुरू ही नहीं होता। फिलहाल, 60 दिनों की यह मोहलत बातचीत के माध्यम से समाधान खोजने की एक और कोशिश है।
इनपुट: IANS



