मंगलवार, 14 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
Social Media News

व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ने के लिए 'यूजर की सहमति ज़रूरी'

लोकसभा चुनाव से पहले, फेक न्यूज़ पर रोक लगाने के लिए व्हाट्सएप कंपनी ने एक अहम क़दम उठाया है।

व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ने के लिए 'यूजर की सहमति ज़रूरी'

लोकसभा चुनाव से पहले, फेक न्यूज़ पर रोक लगाने के लिए व्हाट्सएप कंपनी ने एक अहम क़दम उठाया है। अब व्हाट्सएप ग्रुप का एडमिन यूजर की सहमति के बिना उसको किसी भी ग्रुप में जोड़ नहीं पाएगा। व्हाट्सएप ने कहा कि लोगों की निजता के मद्देनज़र प्राइवेसी सेटिंग में एक नए फीचर की शुरूआत की गई है, जिसके तहत यूजर की अनुमति के बिना ग्रुप एडमिन ग्रुप में जोड़ नहीं पाएगा।

विज्ञापन

व्हाट्सएप ने आम चुनावों में पारदर्शिता लाने के मद्देनज़र एक नई पहल की शुरूआत की है, जिसके तहत व्हाट्सएप ने एक नए फीचर की शुरूआत करते हुए ग्रुप में जोड़ने के नियम को सख़्त कर दिया गया है। व्हाट्सएप ने प्राइवेसी के सेटिंग में एक नए फीचर की शुरूआत की और कहा कि इस फीचर के ज़रिए यूजर ये तय कर सकते हैं कि उन्हें किसी व्हाट्सएप ग्रुप में कौन जोड़ सकता है। इसके लिए तीन विकल्प दिए हैं। पहला, यूजर को कोई नहीं जोड़ सकता। दूसरा, वे लोग ग्रुप में जोड़ सकते हैं कॉन्टैक्ट लिस्ट में हैं और तीसरा, कोई भी ग्रुप में नहीं जोड़ सकता।

Whatsapp new feature

बता दें पिछले कुछ समय में सोशल मीडिया के ज़रिए फैली झूठी ख़बरों से व्यापक पैमाने पर हिंसा की घटनाएं हुईं और देश में एक नया तंत्र 'भीड़तंत्र' के नाम पैदा हुआ, जिसने न जाने कितने बेगुनाह लोगों की जान सिर्फ़ झूठी ख़बरों के आधार पर ले ली। नियमों को सख़्त करने का व्हाट्सएप द्वारा उठाया गया क़दम झूठी ख़बरों को रोकने की दिशा में बेहतरी की उम्मीद करता है।

AJ

Akshay Jinghalia

अक्षय झिंगलिया News4Social के कंटेंट राइटर हैं, जो राष्ट्रीय और राज्य स्तर की ख़बरों, राजनीति और समसामयिक विषयों पर रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्यों की सटीकता और संतुलित, ज़िम्मेदार रिपोर्टिंग पर रहता है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →