बुधवार, 1 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश

लखनऊ में 3-5 जुलाई को 'यूपी आम महोत्सव-2026': दुर्लभ किस्मों की नुमाइश से लेकर निर्यात की राह तक

उत्तर प्रदेश इस बार अपने आमों की विरासत को एक बड़े मंच पर पेश करने जा रहा है। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 3 से 5 जुलाई के बीच होने वाले 'यूपी आम महोत्सव-2026' को लेकर तैयारियाँ अब अंतिम चरण मे

लखनऊ में 3-5 जुलाई को 'यूपी आम महोत्सव-2026': दुर्लभ किस्मों की नुमाइश से लेकर निर्यात की राह तक
(फोटो: IANS)

उत्तर प्रदेश इस बार अपने आमों की विरासत को एक बड़े मंच पर पेश करने जा रहा है। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 3 से 5 जुलाई के बीच होने वाले 'यूपी आम महोत्सव-2026' को लेकर तैयारियाँ अब अंतिम चरण में हैं। राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को सभी इंतज़ाम समयबद्ध ढंग से पूरे करने के सख़्त निर्देश दिए।

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IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री ने इस आयोजन को महज़ एक प्रदर्शनी तक सीमित न रखने पर ज़ोर दिया। उनके मुताबिक यह महोत्सव किसानों, बागवानों, निर्यातकों और उद्यमियों के लिए आधुनिक बागवानी तकनीक, मूल्य संवर्धन और निर्यात के नए अवसरों का प्रभावी मंच बनेगा।

सैकड़ों दुर्लभ किस्में एक छत के नीचे

महोत्सव की सबसे बड़ी खासियत होगी आम की दुर्लभ व विशिष्ट प्रजातियों का आकर्षक प्रदर्शन। मंत्री ने निर्देश दिया कि दशहरी, लंगड़ा, चौसा, आम्रपाली, रटौल, लखनऊ सफेदा समेत सैकड़ों किस्मों को प्रमुखता से रखा जाए। साथ ही आम पर आधारित प्रसंस्कृत उत्पाद, मूल्य संवर्धन की तकनीकें और निर्यात की संभावनाएँ भी दर्शकों के सामने रखी जाएँ।

उन्होंने याद दिलाया कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा आम उत्पादक राज्य है और यहाँ की विभिन्न किस्मों की देश-विदेश में अलग पहचान है — इस पहचान को और मज़बूत करना ही इस महोत्सव का मूल उद्देश्य है।

प्रतियोगिताएँ, कार्यशालाएँ और किसान सम्मान

तीन दिवसीय आयोजन में सिर्फ़ प्रदर्शनी नहीं, बल्कि पाँच श्रेणियों में प्रतियोगिताएँ भी होंगी — आम की विभिन्न प्रजातियाँ, आम आधारित संरक्षित उत्पाद, आम के व्यंजन, सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और सर्वाधिक प्रदर्श प्रस्तुत करने वाले बागवान। इसके अलावा आधुनिक उत्पादन तकनीक, तुड़ाई उपरांत प्रबंधन, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, विपणन और निर्यात जैसे विषयों पर कार्यशालाएँ और तकनीकी सत्र भी आयोजित किए जाएँगे, ताकि किसान नई तकनीकों से जुड़कर अपनी आय बढ़ा सकें।

मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने यह भी कहा कि उत्कृष्ट आम उत्पादकों और प्रगतिशील बागवानों को सम्मानित करने की समुचित व्यवस्था की जाए, जिससे प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण आम उत्पादन को और प्रोत्साहन मिले।

बुनियादी सुविधाओं पर भी नज़र

महोत्सव स्थल पर आने वाले किसानों और प्रतिभागियों की सुविधा को लेकर भी मंत्री ने विशेष ध्यान दिलाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पेयजल, छायादार विश्राम स्थल, पंजीकरण, सूचना केंद्र और बैठने की व्यवस्था बेहतर ढंग से सुनिश्चित की जाए — ताकि किसान और अन्य प्रतिभागी आसानी से महोत्सव का लाभ उठा सकें।

इनपुट: IANS

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