यूक्रेन युद्ध: नागरिकों की वापसी पर कनाडा में होगी अंतरराष्ट्रीय बैठक, नॉर्वे-कनाडा संग हुई अहम चर्चा
रूस के साथ चल रहे युद्ध के बीच यूक्रेन अपने उन बच्चों, नागरिकों और युद्धबंदियों को वापस लाने के प्रयासों को तेज कर रहा है जो बिछड़ गए हैं। इसी सिलसिले में एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की…
रूस के साथ चल रहे युद्ध के बीच यूक्रेन अपने उन बच्चों, नागरिकों और युद्धबंदियों को वापस लाने के प्रयासों को तेज कर रहा है जो बिछड़ गए हैं। इसी सिलसिले में एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों को लेकर यूक्रेन, नॉर्वे और कनाडा के बीच एक उच्च-स्तरीय त्रिपक्षीय बातचीत हुई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस बैठक का मुख्य केंद्रबिंदु कनाडा में होने वाली आगामी बैठक को परिणाम-उन्मुख बनाना था।
यूक्रेन के प्रथम उप विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा ने अपने नॉर्वेजियन और कनाडाई समकक्षों के साथ इस चर्चा की जानकारी दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर उन्होंने बताया कि बातचीत का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि सम्मेलन व्यावहारिक हो और ठोस नतीजे दे। उन्होंने कहा, "हमारा मुख्य ध्यान कनाडा में होने वाले 'यूक्रेनी बच्चों, हिरासत में लिए गए आम नागरिकों और युद्धबंदियों' की वापसी पर होने वाले इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस की तैयारियों पर था।"
पुनर्वास और जवाबदेही पर जोर
सिबिहा ने इस बात पर जोर दिया कि लोगों को घर वापस लाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनकी आगे की जिंदगी को सामान्य बनाना भी एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, "जो लोग कैद, गैरकानूनी हिरासत या जबरन भेजे जाने के बाद लौटते हैं, उन्हें फिर से सामान्य जीवन में लौटने, अपने परिवारों से मिलने और अपनी जिंदगी दोबारा बनाने के लिए मदद की जरूरत होती है।" इसके साथ ही उन्होंने इन अपराधों के लिए जिम्मेदार लोगों पर लक्षित प्रतिबंध लगाने और उन्हें जवाबदेह ठहराने की भी मांग की।
हवाई सुरक्षा और काला सागर का मुद्दा
इस बातचीत के दौरान सिबिहा ने दो अन्य गंभीर मुद्दों पर भी सहयोगियों का ध्यान खींचा। उन्होंने कीव पर हाल में हुए रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमले की जानकारी देते हुए यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को और मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।
इसके अतिरिक्त, काला सागर (Black Sea) में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर भी चर्चा हुई। सिबिहा ने कहा कि यूक्रेनी बंदरगाहों और नागरिक जहाजों पर रूस के लगातार हमले न केवल समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता के लिए, बल्कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा हैं। उन्होंने इस स्थिति से निपटने के लिए एक मजबूत और समन्वित अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की जरूरत बताई।
इनपुट: IANS



