कोरियाई प्रायद्वीप: अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यास में कटौती पर सियोल में राजनीतिक भूचाल
अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यासों में कटौती के फैसले ने सियोल की घरेलू राजनीति में हलचल मचा दी है। राष्ट्रपति ली जे-म्युंग जहां इसे शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बता रहे…
अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यासों में कटौती के फैसले ने सियोल की घरेलू राजनीति में हलचल मचा दी है। राष्ट्रपति ली जे-म्युंग जहां इसे शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बता रहे हैं, वहीं मुख्य विपक्षी दल ने सरकार की सुरक्षा नीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। यह राजनीतिक टकराव ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के बीच इस साल एक और मुलाकात की संभावनाएं बन रही हैं।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्य विपक्षी दल के नेता जांग डोंग-ह्योक ने राष्ट्रपति ली के रुख की तीखी आलोचना की है। राष्ट्रपति ली ने अमेरिकी फैसले का स्वागत करते हुए इसे "अभूतपूर्व नैतिक जीत" कहा था, जिसके जवाब में जांग ने आरोप लगाया कि सरकार ने सुरक्षा, कूटनीति और अर्थव्यवस्था को ताक पर रख दिया है।
विपक्ष ने गिनाईं सुरक्षा और आर्थिक चिंताएं
विपक्षी नेता जांग ने चेतावनी दी है कि सैन्य अभ्यासों में कमी से उत्तर कोरिया को फायदा पहुंच सकता है और अमेरिका के साथ दक्षिण कोरिया के गठबंधन की साख कमजोर हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर राष्ट्रपति ली खुद को ट्रंप और किम के बीच "शांति दूत" के तौर पर पेश करते हैं, तो भी दोनों नेता शायद ही इसे स्वीकार करें। जांग ने अमेरिका के साथ तनाव बढ़ने की आशंका जताते हुए कहा कि मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अभियान से दूरी और निवेश में देरी जैसे मुद्दों ने पहले ही वाशिंगटन के साथ संबंध बिगाड़े हैं, जिससे दक्षिण कोरियाई जनता और कंपनियों पर आर्थिक दबाव व टैरिफ बढ़ सकते हैं।
परमाणु हथियारों पर अलग-अलग अनुमान
इस कूटनीतिक उथल-पुथल के बीच उत्तर कोरिया के परमाणु जखीरे को लेकर भी विरोधाभासी दावे सामने आए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि उत्तर कोरिया के पास 57 परमाणु हथियार हैं। इसके विपरीत, दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री का अनुमान है कि प्योंगयांग के पास 80 से 120 परमाणु हथियार हो सकते हैं। दशकों से, अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास को उत्तर कोरिया के खिलाफ एक महत्वपूर्ण निवारक रणनीति माना जाता रहा है। ऐसे में इन अभ्यासों में कटौती को प्योंगयांग के साथ संभावित संवाद की एक पहल के तौर पर भी देखा जा रहा है।
चीन की सधी हुई प्रतिक्रिया
कोरियाई प्रायद्वीप में बदलते समीकरणों के बीच चीन ने भी अपनी भूमिका स्पष्ट की है। सोल में मौजूद चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि बीजिंग क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए अपनी "रचनात्मक भूमिका" निभाता रहेगा।
इनपुट: IANS



