वैशाली नाव हादसा: तेजस्वी यादव ने सीएम को पत्र लिख की सरकारी नौकरी और ज़मीन की मांग
बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में हुए नाव हादसे को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक पत्र लिखा है। इस हादसे में 13 बच्चों की जान चली गई थी। समाचार…
बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में हुए नाव हादसे को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक पत्र लिखा है। इस हादसे में 13 बच्चों की जान चली गई थी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना के लिए सरकार की उदासीनता और प्रशासनिक कुव्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया है।
13 अक्टूबर की रात रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला में हुए इस हादसे का जिक्र करते हुए तेजस्वी ने कहा कि राघोपुर जैसे दियारा क्षेत्रों में आज भी बुनियादी सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण लोग नाव से जोखिम भरा सफर करने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रिंग रोड और संपर्क सड़कों जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं ठंडे बस्ते में डाल दी गई हैं।
देरी और अव्यवस्था पर उठाए सवाल
पत्र में तेजस्वी यादव ने राहत और बचाव कार्यों में हुई कथित देरी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि घटनास्थल पर एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंची और जो पहुंची भी, उसमें ऑक्सीजन जैसी जीवनरक्षक सुविधा तक नहीं थी। उन्होंने वैशाली जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर समय पर कार्रवाई होती तो कई बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।
पीड़ित परिवारों के लिए मांगें
राजद नेता ने मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवारों के लिए कई मांगें की हैं। उन्होंने हर मृतक बच्चे के परिवार को तीन डिसमिल जमीन और परिवार के एक योग्य सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी देने की मांग की है। इसके अलावा, उन्होंने सामान्य अनुग्रह राशि के अतिरिक्त विशेष मुआवजा देने का भी आग्रह किया है। तेजस्वी ने पूरे मामले, बचाव कार्य में देरी और अस्पताल की अव्यवस्था की एक उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की भी मांग की है।
प्रशासनिक सुधारों का आग्रह
तेजस्वी यादव ने 2017 के पटना हादसे के बाद नाव परिचालन के लिए बनाए गए नियमों का पालन न होने का भी आरोप लगाया, जिनमें सूर्यास्त के बाद परिचालन पर रोक और लाइफ जैकेट की अनिवार्यता शामिल थी। उन्होंने मांग की कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को चिह्नित कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, मोहनपुर रेफरल अस्पताल में 48 घंटे के भीतर डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने और राघोपुर में NDRF या SDRF का एक स्थायी उपकेंद्र स्थापित करने का भी आग्रह किया।
इनपुट: IANS



