संस्कृति
होलिका की कितनी परिक्रमा और किस तरह से करनी चाहिए दाएं से या बाएं से
होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। होलिका की परिक्रमा तीन, पांच या सात बार बाएं से दाएं की जाती है, जिसमें सूत के धागे का उपयोग किया जाता है।
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होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। होलिका की परिक्रमा तीन, पांच या सात बार बाएं से दाएं की जाती है, जिसमें सूत के धागे का उपयोग किया जाता है।