सोमवार, 6 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
स्वास्थ्य

सूरत के अस्पताल में नवजात शिशुओं की सुरक्षा के लिए RFID तकनीक, चोरी रोकने की हाई-टेक पहल

गुजरात के सूरत में स्थित न्यू सिविल हॉस्पिटल ने नवजात शिशुओं की चोरी जैसी गंभीर घटनाओं को रोकने के लिए एक आधुनिक तकनीक अपनाई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल ने अपनी नवजात गहन चिकि

सूरत के अस्पताल में नवजात शिशुओं की सुरक्षा के लिए RFID तकनीक, चोरी रोकने की हाई-टेक पहल
(फोटो: IANS)

गुजरात के सूरत में स्थित न्यू सिविल हॉस्पिटल ने नवजात शिशुओं की चोरी जैसी गंभीर घटनाओं को रोकने के लिए एक आधुनिक तकनीक अपनाई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल ने अपनी नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) पर आधारित एक नया सुरक्षा सिस्टम लागू किया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी शिशु बिना अनुमति के वॉर्ड से बाहर न जा सके।

विज्ञापन

यह सिस्टम सोमवार को शुरू किया गया और इसे लेकर डॉक्टरों का मानना है कि इससे न केवल बच्चों की सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि मेडिकल जांच के लिए उन्हें वॉर्ड से बाहर ले जाने की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित हो जाएगी।

कैसे काम करता है यह सुरक्षा सिस्टम?

अस्पताल के बाल रोग विभाग की प्रमुख डॉ. जिगिशा पाटड़िया ने बताया कि NICU में भर्ती हर नवजात शिशु के हाथ पर एक खास RFID टैग लगाया जाता है। उन्होंने समझाया, "अगर कोई भी व्यक्ति, चाहे वह रिश्तेदार हो या कोई और, बच्चे को हमारी जानकारी के बिना ICU से बाहर ले जाने की कोशिश करता है, तो निकास द्वार पर लगा अलार्म तुरंत बज उठेगा।" इससे ड्यूटी पर मौजूद मेडिकल और सिक्योरिटी स्टाफ फौरन सतर्क हो जाएगा।

न्यू सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मण के मुताबिक, अस्पताल में पहले भी शिशुओं की चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, इसी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निकास द्वार पर लगी RFID मशीन और बच्चे के हाथ का टैग मिलकर इस सुरक्षा घेरे को पूरा करते हैं।

मेडिकल जांच के लिए विशेष प्रक्रिया

कई बार नवजात शिशुओं को MRI या CT स्कैन जैसी जांच के लिए NICU से बाहर ले जाना पड़ता है। डॉ. पाटड़िया ने बताया कि ऐसी स्थिति के लिए एक तय प्रक्रिया बनाई गई है। बच्चे को बाहर ले जाने से पहले, इसकी पूरी जानकारी सुरक्षा कर्मचारियों को देनी होगी। जब बच्चा बाहर जाएगा और अलार्म बजेगा, तो साथ जा रहा डॉक्टर सुरक्षाकर्मी से बच्चे की पहचान और जांच की पुष्टि करेगा। इस नियम से यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी बच्चा अस्पताल स्टाफ की निगरानी के बिना बाहर न जा पाए।

दक्षिण गुजरात का बड़ा केंद्र

डॉ. जिगिशा ने यह भी जानकारी दी कि न्यू सिविल हॉस्पिटल में सिर्फ सूरत ही नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण गुजरात और पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से भी मरीज आते हैं। NICU में आधिकारिक तौर पर 42 बेड की क्षमता है, लेकिन मरीजों की संख्या को देखते हुए 60 बेड की व्यवस्था की गई है, जहां 24 घंटे एक समर्पित टीम बच्चों की देखभाल करती है।

इनपुट: IANS

N

News4Social वायर डेस्क

News4Social वायर डेस्क, समाचार एजेंसी IANS से लाइसेंस-प्राप्त खबरें प्रकाशित करता है। इन रिपोर्ट्स की मूल जानकारी एजेंसी से आती है, जिसे हमारी संपादकीय टीम तथ्यों की जाँच के बाद News4Social की स्पष्ट व सहज भाषा-शैली में संपादित एवं पुनर्लिखित करती है — ताकि पाठकों को भरोसेमंद और पठनीय समाचार मिलें। प्रत्येक रिपोर्ट में मूल स्रोत IANS का श्रेय दिया जाता है; तस्वीरें: IANS। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →