सोमनाथ भारती बनाम सतीश उपाध्याय: भाजपा विधायक के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई
आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सोमनाथ भारती की एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। इस याचिका में 2025 के विधानसभा चुनाव में मालवीय नगर सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक सतीश…
आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सोमनाथ भारती की एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। इस याचिका में 2025 के विधानसभा चुनाव में मालवीय नगर सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक सतीश उपाध्याय के निर्वाचन को चुनौती दी गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने दोनों पक्षों के वकीलों की संक्षिप्त दलीलें सुनने के बाद भारती को अपील करने की अनुमति दे दी।
यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट के 17 जनवरी के उस फैसले के खिलाफ है, जिसमें सोमनाथ भारती की चुनाव याचिका को खारिज कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि भारती अपनी याचिका में उस पक्ष को शामिल करने में विफल रहे, जिसके खिलाफ उन्होंने भ्रष्ट आचरण के आरोप लगाए थे, और इसी चूक के कारण जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत याचिका खारिज की जानी चाहिए।
चुनाव में हार और भ्रष्टाचार के आरोप
2025 के विधानसभा चुनाव में सतीश उपाध्याय ने तीन बार के विधायक रहे सोमनाथ भारती को लगभग 2,100 वोटों के अंतर से हराया था। अपनी याचिका में भारती ने उपाध्याय पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि उपाध्याय ने अपने खिलाफ लंबित आपराधिक शिकायतों और FIR की जानकारी अपने नामांकन पत्र में छुपाई थी।
भारती ने यह भी आरोप लगाया है कि उपाध्याय ने मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक लाने के लिए गाड़ियों का इस्तेमाल किया। याचिका के मुताबिक, उपाध्याय ने कांग्रेस उम्मीदवार जितेंद्र कुमार कोचर के साथ मिलकर वोटों का ध्रुवीकरण करने और अनुचित लाभ लेने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया था।
भगत सिंह की प्रतिमा का विवाद
याचिका में भगत सिंह की एक प्रतिमा से जुड़ा विवाद भी शामिल है। सोमनाथ भारती का आरोप है कि सतीश उपाध्याय ने जनता के सामने "झूठ का पुलिंदा पेश किया"। उनके अनुसार, 27 सितंबर 2008 को भाजपा शासित MCD के एक पार्क में भगत सिंह की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ हुई थी, जिस पर ध्यान नहीं दिया गया।
भारती ने कहा कि जब AAP दिल्ली सरकार में थी, तब MCD में भाजपा का शासन था और उनसे बार-बार प्रतिमा ठीक कराने का अनुरोध किया गया, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अंततः जब AAP ने MCD का चुनाव जीता, तो 23 मार्च 2024 को भारती ने अपने व्यक्तिगत फंड और स्थानीय लोगों के सहयोग से प्रतिमा को फिर से स्थापित करवाया। उन्होंने उपाध्याय पर इस मामले में झूठ बोलने का आरोप लगाया है।
इनपुट: IANS



