SIR पर विपक्ष के आरोप साजिश, भाजपा ने कहा- संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रहा है विपक्ष
बिहार भाजपा के पूर्व अध्यक्ष संजय जायसवाल ने विपक्ष पर एसआईआर (SIR) को लेकर भ्रम फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चुनावी हार के बाद कांग्रेस…
बिहार भाजपा के पूर्व अध्यक्ष संजय जायसवाल ने विपक्ष पर एसआईआर (SIR) को लेकर भ्रम फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चुनावी हार के बाद कांग्रेस समेत विपक्षी दल चुनाव आयोग और न्यायपालिका जैसी संस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पटना में एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि विधान परिषद चुनावों के नतीजों ने कांग्रेस के बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की पोल खोल दी है।
जायसवाल ने बताया कि विधान परिषद चुनाव में प्रेफरेंशियल वोटिंग के कारण मतदान बैलेट पेपर से ही होता है, इसके बावजूद 28 सीटों में से कांग्रेस को सिर्फ एक सीट मिली। उन्होंने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी पार्टी चारों सीटें हार गई। भाजपा सांसद ने इन नतीजों को विपक्ष के दावों के खिलाफ सबूत के तौर पर पेश किया।
SIR संवैधानिक प्रक्रिया, कांग्रेस राज में 7 बार हुई
एसआईआर (Summary Intensive Revision) का बचाव करते हुए जायसवाल ने कहा कि यह कोई नई प्रक्रिया नहीं, बल्कि चुनाव आयोग की एक संवैधानिक प्रक्रिया है जो 1950 से लागू है। उन्होंने दावा किया, "इससे पहले आठ बार एसआईआर हो चुका है, जिनमें सात बार कांग्रेस के शासनकाल में यह प्रक्रिया अपनाई गई।" उन्होंने बताया कि पिछले साल ही बिहार में एसआईआर के दौरान 47 लाख मतदाताओं के नामों में सुधार किया गया था, जिनमें मृत, स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टियों वाले नाम शामिल थे।
मतदाता सूची का शुद्धिकरण क्यों जरूरी?
जायसवाल ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए मतदाता सूची का शुद्धिकरण आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के शासन में फर्जी दस्तावेजों के जरिए बांग्लादेशियों को बसाने और मतदाता सूची में शामिल कराने का चलन बढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि पकड़े गए कई बांग्लादेशी नागरिकों के पास 24 साउथ परगना के फर्जी आधार कार्ड मिले हैं। जायसवाल ने स्पष्ट किया, "भारत सभी धर्मों के नागरिकों का देश है, लेकिन बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं को मतदान का अधिकार नहीं दिया जा सकता।"
इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और अरवल विधायक मनोज शर्मा ने भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष एसआईआर को लेकर संवैधानिक प्रक्रियाओं के खिलाफ भ्रामक प्रचार कर रहा है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 324 का हवाला देते हुए कहा कि यह चुनाव आयोग को चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की जिम्मेदारी देता है, और मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने की प्रक्रिया पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
इनपुट: IANS



