खड़गे के कार्यक्रम स्थल का 'शुद्धिकरण': कांग्रेस का पंजाब में प्रदर्शन का ऐलान, शिवसेना ने भी BJP-RSS को घेरा
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक कार्यक्रम के बाद कथित 'शुद्धिकरण' किए जाने का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ चुका है। इस विवाद को लेकर कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने…
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक कार्यक्रम के बाद कथित 'शुद्धिकरण' किए जाने का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ चुका है। इस विवाद को लेकर कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस ने इस घटना के विरोध में पूरे पंजाब में प्रदर्शन करने की घोषणा की है, जबकि शिवसेना सांसद ने इसे संविधान की भावना के खिलाफ बताया है।
कांग्रेस का आरोप और प्रदर्शन की घोषणा
पंजाब के फरीदकोट में कांग्रेस नेता सुधीर चौधरी ने आरोप लगाया कि यह घटना छुआछूत की मानसिकता को दर्शाती है। उन्होंने कहा, "आरएसएस और भाजपा की विचारधारा मनुस्मृति आधारित व्यवस्था को दोबारा स्थापित करने का प्रयास कर रही है।" चौधरी ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने देश को ऐसी सामाजिक व्यवस्था से मुक्ति दिलाई थी, लेकिन अब उसी मानसिकता को फिर से बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को पूरी गंभीरता से ले रही है और इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेगी। इस घटना के विरोध में, उन्होंने ऐलान किया कि जब तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हो जाती, तब तक पूरे पंजाब में धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। चौधरी के मुताबिक, चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के बाहर भी प्रदर्शन किया जाएगा।
शिवसेना ने उठाए संवैधानिक मूल्य पर सवाल
उधर महाराष्ट्र के अमरावती में, शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने भी इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी नेता के जाने के बाद सार्वजनिक स्थल को धोना जातिगत भेदभाव का स्पष्ट संदेश देता है। सावंत ने सवाल किया, "क्या किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर देखा जाना उचित है?"
उन्होंने भारत के संविधान का हवाला देते हुए कहा कि यह सभी को समानता का अधिकार देता है और जाति, धर्म या पंथ के आधार पर भेदभाव अस्वीकार्य है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के एक हालिया बयान का जिक्र करते हुए सावंत ने सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने नेताओं से समाज को जोड़ने वाले संदेश देने की अपील की।
इनपुट: IANS



