भारत-श्रीलंका समुद्री साझेदारी: नौसेना प्रमुखों की मुलाकात में सहयोग बढ़ाने पर जोर
हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी समुद्री साझेदारी को और मजबूत करने के इरादे से भारत और श्रीलंका के नौसेना प्रमुखों ने नई दिल्ली में एक अहम बैठक की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, श्रीलंका के नौसेना…
हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी समुद्री साझेदारी को और मजबूत करने के इरादे से भारत और श्रीलंका के नौसेना प्रमुखों ने नई दिल्ली में एक अहम बैठक की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, श्रीलंका के नौसेना कमांडर, वाइस एडमिरल डेमियन फर्नांडो, पदभार संभालने के बाद अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा पर भारत पहुँचे हैं।
27 अगस्त को नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में वाइस एडमिरल फर्नांडो को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके पश्चात उन्होंने भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन से मुलाकात की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय समुद्री सहयोग को और गहरा करना है।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
दोनों नौसेना प्रमुखों के बीच हुई वार्ता में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में संयुक्त अभियानों, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और समुद्री सुरक्षा से जुड़े उपायों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। दोनों देश हिंद महासागर में महत्वपूर्ण समुद्री साझेदार हैं और उनकी नौसेनाओं के बीच नियमित संपर्क को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम माना जाता है।
रक्षा और उद्योग पर भी नजर
अपनी इस यात्रा के दौरान, वाइस एडमिरल फर्नांडो वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों और भारतीय रक्षा उद्योग के प्रतिनिधियों से भी संवाद करेंगे। इन बैठकों का लक्ष्य रक्षा क्षेत्र में सहयोग और साझेदारी की नई संभावनाओं को तलाशना है, साथ ही समुद्री क्षमताओं को मजबूत करने के अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
भारत से पुराना पेशेवर रिश्ता
वाइस एडमिरल फर्नांडो का भारत से एक खास पेशेवर जुड़ाव भी रहा है। उन्होंने भारतीय नौसेना के प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्थान आईएनएस द्रोणाचार्य से तोपखाना और मिसाइल में विशेषज्ञता हासिल की थी, जहाँ उन्हें 'बेस्ट ऑल राउंड ऑफिसर' भी चुना गया था। उन्होंने 1 जुलाई 2026 को श्रीलंकाई नौसेना के 27वें कमांडर का पद संभाला था। यात्रा के अगले चरण में, वह कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान के मुख्यालय और विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों का दौरा करेंगे, जिससे प्रशिक्षण संबंधों को और मजबूती मिलेगी।
इनपुट: IANS



