अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन, नेतन्याहू बोले - 'मैंने एक प्रिय मित्र खो दिया'
इजरायल के सबसे मुखर समर्थकों में से एक और अमेरिकी राजनीति के प्रभावशाली चेहरे, सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन हो गया है। दक्षिण कैरोलिना से रिपब्लिकन सीनेटर रहे ग्राहम ने शनिवार शाम एक संक्षिप्त बीमारी
इजरायल के सबसे मुखर समर्थकों में से एक और अमेरिकी राजनीति के प्रभावशाली चेहरे, सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन हो गया है। दक्षिण कैरोलिना से रिपब्लिकन सीनेटर रहे ग्राहम ने शनिवार शाम एक संक्षिप्त बीमारी के बाद अंतिम सांस ली। उनके निधन पर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ग्राहम के कार्यालय ने रविवार सुबह उनके आधिकारिक एक्स अकाउंट से इस दुखद समाचार की पुष्टि की। जारी बयान में कहा गया, "एक संक्षिप्त बीमारी के बाद सीनेटर ग्राहम का शनिवार शाम देहांत हो गया। परिवार इस समय लोगों से प्रार्थनाओं की अपील करता है और इस बेहद कठिन समय में निजता का सम्मान करने का अनुरोध करता है।"
इजरायल और अमेरिका से प्रतिक्रियाएं
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ग्राहम को श्रद्धांजलि देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनके साथ अपनी एक तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा, "इजरायल ने अपने सबसे बड़े मित्रों में से एक को खो दिया है। अमेरिका ने एक महान देशभक्त को खो दिया है। मैंने एक प्रिय मित्र खो दिया है।" नेतन्याहू ने आगे कहा, "हम यह समझते थे कि इजरायल और अमेरिका की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। उन्होंने अपना जीवन अमेरिका की रक्षा, हमारे गठबंधन को मजबूत करने और स्वतंत्र विश्व के समर्थन में समर्पित कर दिया।"
वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ट्रुथ सोशल पर ग्राहम को एक "महान और समर्पित देशभक्त" बताया और कहा कि "उन्हें हमेशा मिस किया जाएगा।" दिलचस्प बात यह है कि ग्राहम एक समय में ट्रंप के कड़े आलोचक थे, लेकिन बाद में उनके सबसे मजबूत समर्थकों में से एक बन गए थे।
ग्राहम का राजनीतिक सफर
लिंडसे ग्राहम अमेरिकी विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर एक प्रमुख आवाज थे। उन्हें 1994 में दक्षिण कैरोलिना के तीसरे कांग्रेसनल जिले से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुना गया था। इसके बाद वह 2002 में अमेरिकी सीनेट के लिए चुने गए और निधन तक इस पद पर बने रहे। ग्राहम इजरायल के एक दृढ़ समर्थक के रूप में जाने जाते थे और हाल के यूएस-इजरायल-ईरान संघर्ष के दौरान पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर भी अपनी असहमति जता चुके थे।
इनपुट: IANS



