NSA डोभाल का चीन दौरा अहम, सीमा वार्ता और ब्रिक्स समिट पर होगी चर्चा: पूर्व राजनयिक वीणा सीकरी
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर चल रही 25वें दौर की बातचीत को एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। बांग्लादेश में…
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर चल रही 25वें दौर की बातचीत को एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। बांग्लादेश में भारत की पूर्व उच्चायुक्त वीणा सीकरी ने इस दौरे को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिहाज से भी अहम है।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, वीणा सीकरी ने कहा कि सीमा मुद्दों को सुलझाने के लिए हो रही यह वार्ता एक महत्वपूर्ण श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लगभग 15-20 दिनों में भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले यह बातचीत और भी प्रासंगिक हो जाती है। सीकरी के मुताबिक, इस दौरान NSA डोभाल की चीनी प्रतिनिधियों के साथ ब्रिक्स समिट को लेकर भी चर्चा होगी।
ब्रिक्स और द्विपक्षीय बैठक की तैयारी
पूर्व राजनयिक ने उम्मीद जताई कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आ सकते हैं। उन्होंने कहा, "उनके आने से पहले यह जरूरी है कि हमारे वरिष्ठ लोग वहां जाएं और उनसे बातचीत करें कि ब्रिक्स समिट में क्या होगा? द्विपक्षीय बैठक में क्या-क्या होगा?" यदि राष्ट्रपति शी जिनपिंग की यात्रा की पुष्टि होती है, तो दोनों देशों के बीच एक द्विपक्षीय बैठक होना निश्चित है, जिसमें सीमा विवाद सहित सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। उन्होंने यह भी बताया कि भारत के विदेश मंत्री भी रूस के दौरे पर हैं, जहां राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे को लेकर भी चर्चा हुई होगी।
भारत-कनाडा संबंधों पर टिप्पणी
वीणा सीकरी ने भारत और कनाडा के संबंधों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने हरदीप निज्जर की मौत को लेकर कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों का जिक्र किया, जिसका भारत ने कड़े शब्दों में खंडन किया था। उन्होंने कहा कि उस घटना से द्विपक्षीय संबंधों, राजनयिक उपस्थिति और व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा था। हालांकि, सीकरी ने कहा, "अब तो दोनों देशों के बीच संबंध बहुत अच्छे हो गए हैं... अब जो कनाडा के नए पीएम मार्क कार्नी हैं, उन्होंने काफी कुछ सुलझा दिया है। कनाडा की एजेंसी ने भी कन्फर्म किया है कि भारत की इसमें कोई जिम्मेदारी नहीं है।"
इनपुट: IANS



