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दिल्ली-NCR: प्रदूषण से जंग के लिए GRAP में बड़ा बदलाव, अब पहले चरण से ही लागू होंगे कड़े नियम

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने की तैयारी तेज हो गई है। इसी क्रम में, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP)…

दिल्ली-NCR: प्रदूषण से जंग के लिए GRAP में बड़ा बदलाव, अब पहले चरण से ही लागू होंगे कड़े नियम
(फोटो: IANS)

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने की तैयारी तेज हो गई है। इसी क्रम में, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) को संशोधित कर दिया है, जिसके तहत कई महत्वपूर्ण नियम अब पहले चरण से ही लागू हो जाएंगे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग की बैठक में इस नए GRAP शेड्यूल को मंजूरी दे दी गई है।

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पहले के मुकाबले इस बार प्लान में दो बड़े और अहम बदलाव किए गए हैं। इनमें इंटर-सिटी बसों और डीज़ल जेनरेटर (DG) सेट से जुड़े नियम शामिल हैं, जिन्हें अब प्रदूषण के शुरुआती स्तर पर ही, यानी स्टेज-1 में ही लागू कर दिया जाएगा।

इंटर-सिटी बसों और DG सेट पर फोकस

CAQM के तकनीकी सदस्य डॉ. एस.डी. अत्री ने बताया कि इंटर-सिटी बसों से जुड़े प्रावधान पहले GRAP के स्टेज-2 में आते थे, लेकिन अब इन्हें स्टेज-1 में शामिल किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली में CNG, BS-VI डीज़ल और इलेक्ट्रिक बसों के अलावा अन्य बसों के प्रवेश पर प्रतिबंध पहले से ही पूरे साल लागू है। चूंकि यह एक स्थायी नियम है, इसलिए इसे GRAP के शुरुआती चरण में रखना ही तार्किक है।

इसी तरह, डीज़ल जेनरेटर सेट से संबंधित लगभग 76 निर्देश हैं जो साल भर प्रभावी रहते हैं। इनमें DG सेट की क्षमता, डुअल-फ्यूल किट का इस्तेमाल और 800 किलोवॉट से अधिक क्षमता वाले सेटों के नियम शामिल हैं। डॉ. अत्री के अनुसार, जब ये नियम स्थायी रूप से लागू हैं, तो उन्हें GRAP के बाद के चरणों में रखने का कोई औचित्य नहीं था। इसलिए, इन सभी प्रावधानों को भी स्टेज-1 का हिस्सा बना दिया गया है।

क्यों किया गया यह बदलाव?

डॉ. अत्री ने IANS को बताया कि अब तक नवंबर 2025 में जारी हुआ GRAP शेड्यूल लागू था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी मंजूरी दी थी। हर साल विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद इसकी समीक्षा की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत उप-समिति ने बदलाव का प्रस्ताव दिया, जिसे आयोग ने स्वीकार कर लिया।

इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण नियंत्रण के लिए साल भर चलने वाले स्थायी उपायों और GRAP के चरणबद्ध प्रावधानों के बीच बेहतर तालमेल बनाना है। इसके लिए परिवहन और ठोस कचरा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों से जुड़े उपायों को भी तार्किक रूप से एकीकृत किया गया है।

इनपुट: IANS

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News4Social दिल्ली डेस्क

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