साकीनाका मैनहोल हादसा: मुंबई में राजनीतिक उबाल, अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग
मुंबई के साकीनाका इलाके में भारी बारिश के बीच एक खुले मैनहोल में गिरने से 60 वर्षीय असलम शेख की मौत हो गई, जिससे महाराष्ट्र की सियासत में उबाल आ गया है। इस घटना ने शहर की नागरिक सुविधाओं और प्रशासन की
मुंबई के साकीनाका इलाके में भारी बारिश के बीच एक खुले मैनहोल में गिरने से 60 वर्षीय असलम शेख की मौत हो गई, जिससे महाराष्ट्र की सियासत में उबाल आ गया है। इस घटना ने शहर की नागरिक सुविधाओं और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के नेताओं ने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
खैरानी रोड पर हुई इस दर्दनाक घटना के बाद बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (BMC) हरकत में आया है। शिवसेना विधायक मुरजी पटेल ने बताया कि उनकी नगर आयुक्त से बातचीत के बाद, सभी संबंधित अधिकारियों को सड़कों का निरीक्षण करने, मैनहोल के ढक्कन और स्टॉर्मवॉटर ड्रेन की व्यापक जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस हादसे को लेकर नेताओं ने प्रशासन पर तीखे हमले किए हैं। कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने इसे पूरी तरह से "प्रशासनिक विफलता" करार दिया। उन्होंने कहा कि ड्रेनेज सिस्टम के लिए रखे गए करोड़ों रुपये बर्बाद हो गए हैं और सरकार को दोनों पीड़ितों (एक 11 वर्षीय बच्चे और 60 वर्षीय बुजुर्ग) के परिवारों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा देना चाहिए।
वहीं, भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने इसका ठीकरा शिवसेना (UBT) के पिछले 25 साल के शासन पर फोड़ा। उन्होंने कहा, "इस गड़बड़झाले को ठीक करने में हमें कुछ समय लगेगा।" उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि इस मामले में FIR दर्ज कराई जाएगी और सरकार ने सदन में उनकी मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
शिवसेना विधायक दीपक वसंत केसरकर ने घटना को "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण" बताते हुए कहा कि जिम्मेदार सभी लोगों को कानून के तहत सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। शिवसेना नेता मनीषा कयांडे ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मेंटेनेंस से जुड़े अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय "हफ्ता वसूली" में व्यस्त रहते हैं।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
विपक्षी दलों ने भी सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लिया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता जयंत पाटिल ने कहा कि नई सरकार से बेहतर व्यवस्था की उम्मीद थी, लेकिन हालात बिगड़ते जा रहे हैं। कांग्रेस विधायक असलम शेख ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे मरम्मत कार्य मानसून से पहले पूरे हो जाने चाहिए थे।
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने मृतक के परिवार को दिए गए 10 लाख रुपये के मुआवजे को अपर्याप्त बताया। उन्होंने कहा, "परिवार को कम से कम एक करोड़ रुपये की सहायता मिलनी चाहिए ताकि उसके ब्याज से उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।"
इनपुट: IANS



