रूस से तेल खरीदने पर भारत को अमेरिकी प्रतिबंधों से राहत, रणनीतिक कारणों से टली कार्रवाई
रूस से कच्चा तेल खरीदने के मामले में भारत पर लगने वाले अमेरिकी प्रतिबंधों का खतरा फिलहाल टल गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने रणनीतिक वजहों से यह कार्रवाई स्थगित कर दी है…
रूस से कच्चा तेल खरीदने के मामले में भारत पर लगने वाले अमेरिकी प्रतिबंधों का खतरा फिलहाल टल गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने रणनीतिक वजहों से यह कार्रवाई स्थगित कर दी है। यह फैसला कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के बीच आया है, जिसमें अमेरिकी सीनेटर मार्को रुबियो की भारत यात्रा और क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक शामिल है।
पूर्व राजदूत अशोक सज्जनहार ने स्पष्ट किया कि 18 सितंबर को पारित 'सैंक्शंस ऑन रशिया एंड ईरान एक्ट' (SRII) के तहत रूस या ईरान से तेल खरीदने वाले देशों पर एक महीने के भीतर टैरिफ और प्रतिबंध लगाए जाने थे। उन्होंने कहा, "मेरे विचार से 18 सितंबर को एसआरआईआई एक्ट पास हुआ था... एक महीने के अंदर इस पर कार्रवाई होनी थी लेकिन अब खबर आई है कि कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।"
रणनीतिक और आर्थिक हित
सज्जनहार के मुताबिक, रूस से तेल खरीदने वाले पांच सबसे बड़े आयातक देशों में चीन, भारत, तुर्किए और अजरबैजान शामिल हैं। उन्होंने बताया कि चीन पर कार्रवाई पहले ही दो महीने के लिए स्थगित कर दी गई थी, जब शी जिनपिंग अमेरिका गए थे। अब भारत को भी राहत दी गई है। उन्होंने कहा, "सबकी नजर भारत पर थी और अब भारत पर भी कहा गया है कि कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।"
इस फैसले के पीछे कई बड़े कारण माने जा रहे हैं। इनमें रिलायंस द्वारा जामनगर रिफाइनरी से जुड़ा लगभग 300 अरब डॉलर का संभावित निवेश एक प्रमुख वजह है। राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले इसका ऐलान किया था। सज्जनहार ने कहा, "अगर रिलायंस कंपनी टेक्सास में बहुत अधिक निवेश करती है तो राष्ट्रपति ट्रंप अपने लोगों को बता पाएंगे कि देखिए हम भारत से कितना अधिक निवेश लेकर आए हैं। इसलिए भारत के खिलाफ टैरिफ लगाने का कोई औचित्य नहीं बनता था।"
आगामी बैठकें और चुनाव
यह फैसला अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले आया है, जो 3 नवंबर को होने हैं। सीनेट की 35 सीटों पर चुनाव होना है, जिनमें से कुछ पर मुकाबला बेहद कड़ा है। इसके अलावा, अगले कुछ दिनों में सीनेटर मार्को रुबियो भारत आ रहे हैं, जहाँ हिंद-प्रशांत क्षेत्र और द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चर्चा होने की उम्मीद है। क्वाड (भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया) के विदेश मंत्री भी आपस में बैठक करेंगे।
पूर्व राजदूत ने कहा, "इन सभी कारणों से मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने यह निर्णय लिया होगा कि अभी हम कोई कार्रवाई नहीं करते हैं, कोई प्रतिबंध नहीं लगाते हैं और अभी बातचीत होगी।" उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के अंतिम पड़ाव पर पहुंच गए हैं।
इनपुट: IANS



