रूस-उत्तर कोरिया संबंध: विदेश मंत्री लावरोव बोले- 'हम अब एक ही मोर्चे पर'
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में उत्तर कोरिया के साथ अपने देश के संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाते हुए कहा है कि दोनों देश अब 'एक ही मोर्चे पर लड़ रहे हैं'। उन्होंने…
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में उत्तर कोरिया के साथ अपने देश के संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाते हुए कहा है कि दोनों देश अब 'एक ही मोर्चे पर लड़ रहे हैं'। उन्होंने यह बात उत्तर कोरिया के मुक्ति दिवस के अवसर पर अपनी समकक्ष चो सोन हुई को लिखे एक पत्र में कही। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस पत्र में लावरोव ने दोनों देशों के बीच बहुआयामी सहयोग को और मजबूत करने का संकल्प भी जताया।
लावरोव ने यूक्रेन के खिलाफ चल रहे युद्ध में उत्तर कोरिया से मिली सैन्य मदद की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, "कुर्स्क इलाके में नॉर्थ कोरिया की सेना की तैनाती पिछली बहादुर पीढ़ियों की पहल पर कायम हुई दोस्ती का साफ सबूत है।" गौरतलब है कि रूस ने अप्रैल 2025 में पहली बार आधिकारिक तौर पर उत्तर कोरियाई सैनिकों की तैनाती की पुष्टि की थी, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच सैन्य और रणनीतिक सहयोग लगातार बढ़ा है।
साझा इतिहास और रणनीतिक साझेदारी
अपने पत्र में, रूसी विदेश मंत्री ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान के साझा इतिहास को भी याद किया। उन्होंने लिखा कि रूस और उत्तर कोरिया ने "1945 में जापानी सैन्यवाद" को हराने के लिए मिलकर लड़ाई लड़ी थी, जिससे युद्ध को जल्दी खत्म करने में मदद मिली। इसी ऐतिहासिक नींव पर वर्तमान सहयोग को आगे बढ़ाने की बात करते हुए उन्होंने इसे एक नई बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के निर्माण से जोड़ा जो राष्ट्रीय संप्रभुता पर आधारित हो।
मास्को और प्योंगयांग के बीच यह बढ़ता सहयोग जून 2024 में तब और पुख्ता हो गया जब दोनों ने एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि पर हस्ताक्षर किए। इस संधि ने उनके सुरक्षा संबंधों को एक नई दिशा दी है। योनहाप के अनुसार, लावरोव के इस हालिया बयान को इसी बढ़ते सैन्य सहयोग के लिए एक सार्वजनिक समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।
शीर्ष नेताओं का संदेश
मुक्ति दिवस की 81वीं वर्षगांठ के मौके पर सिर्फ विदेश मंत्रियों के बीच ही संवाद नहीं हुआ, बल्कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने भी एक-दूसरे को संदेश भेजकर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पुतिन ने सभी क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने किम जोंग उन से दोबारा बातचीत की इच्छा जताई थी।
इनपुट: IANS



