बिहार: पाकिस्तानी एजेंट को WhatsApp OTP बेचने का भंडाफोड़, रक्सौल से दो युवक गिरफ्तार
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो कथित तौर पर पाकिस्तानी एजेंटों को भारतीय मोबाइल नंबरों पर बने व्हाट्सऐप अकाउंट के OTP बेचता था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के…
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो कथित तौर पर पाकिस्तानी एजेंटों को भारतीय मोबाइल नंबरों पर बने व्हाट्सऐप अकाउंट के OTP बेचता था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में रक्सौल से दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके मोबाइल फोन से अहम सबूत मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि इन व्हाट्सऐप अकाउंट्स का इस्तेमाल भारत-विरोधी जासूसी गतिविधियों में किया जा रहा था।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब 25 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश की विजयवाड़ा पुलिस ने रक्सौल पुलिस को इस नेटवर्क के बारे में खुफिया जानकारी दी। सूचना के आधार पर रक्सौल और विजयवाड़ा पुलिस की एक संयुक्त टीम बनाई गई, जिसने मंगलवार को रक्सौल के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया।
कैसे काम करता था यह नेटवर्क?
शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी भारतीय मोबाइल नंबरों पर व्हाट्सऐप अकाउंट बनाने के लिए आने वाले वन-टाइम पासवर्ड (OTP) को पाकिस्तानी एजेंटों के साथ साझा करते थे। इस काम के बदले उन्हें मोटी रकम दी जाती थी। गिरफ्तार युवकों की पहचान आदित्य पांडेय और राजा कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उनके पास से बरामद दो मोबाइल फोन की जांच में पाकिस्तानी एजेंटों को ओटीपी भेजने और इसके बदले पैसे लेने के पुख्ता सबूत मिले हैं।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
गिरफ्तार आरोपियों में से एक, आदित्य पांडेय, रक्सौल थाना क्षेत्र के नागा रोड का निवासी है। वहीं, दूसरा आरोपी राजा कुमार मूल रूप से मधुबनी जिले के हरलाखी का रहने वाला है और फिलहाल रक्सौल के नोनियाडीह में रह रहा था। इस कार्रवाई का नेतृत्व रक्सौल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष कुमार आनंद और थानाध्यक्ष रमेश कुमार महतो ने किया। फिलहाल, इस मामले की आगे की जांच विजयवाड़ा पुलिस कर रही है, जिससे इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
इनपुट: IANS



