तुर्की-कनाडा संबंध: व्यापार, ऊर्जा और रक्षा में रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय
तुर्की और कनाडा ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नया आयाम देते हुए इन्हें 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर पर ले जाने का फैसला किया है। यह महत्वपूर्ण निर्णय कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की पहली…
तुर्की और कनाडा ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नया आयाम देते हुए इन्हें 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर पर ले जाने का फैसला किया है। यह महत्वपूर्ण निर्णय कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की पहली तुर्की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के साथ हुई मुलाकात में लिया गया। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस साझेदारी का उद्देश्य व्यापार, ऊर्जा, परिवहन और रक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को मजबूती देना है।
राष्ट्रपति एर्दोगन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस बैठक को ऐतिहासिक बताते हुए खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा, "मेरे प्रिय मित्र, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की ऐतिहासिक महत्व की यात्रा के अवसर पर तुर्की में उनकी मेजबानी करके मुझे बेहद खुशी हुई।" उन्होंने यह भी बताया कि इस रणनीतिक साझेदारी के तहत दोनों देश भविष्य में कई नई परियोजनाएं शुरू करेंगे।
व्यापार और निवेश पर ज़ोर
दोनों नेताओं ने आर्थिक संबंधों को गति देने के लिए ठोस कदम उठाने पर सहमति जताई है। तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने बताया कि इस साल के अंत तक दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) पर बातचीत शुरू करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य है कि वर्तमान में लगभग तीन अरब डॉलर के आसपास रहने वाले द्विपक्षीय व्यापार को पहले पांच अरब डॉलर और उसके बाद 10 अरब डॉलर तक पहुंचाया जाए।" इसके अलावा, अफ्रीका से लैटिन अमेरिका और मध्य एशिया से सुदूर पूर्व तक तीसरे देशों में संयुक्त निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
रक्षा और ऊर्जा में सहयोग
बैठक में रक्षा उद्योग में सहयोग को और गहरा करने पर भी जोर दिया गया, जिसके लिए कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। वहीं, ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग पर एक संयुक्त घोषणा भी की गई, जिसमें परमाणु ऊर्जा (न्यूक्लियर एनर्जी) जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। राष्ट्रपति एर्दोगन ने अंकारा में हुए नाटो शिखर सम्मेलन का उदाहरण देते हुए रक्षा साझेदारी के महत्व को रेखांकित किया।
वैश्विक मुद्दों पर चर्चा
इस मुलाकात के दौरान गाजा, यूक्रेन और खाड़ी क्षेत्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। गाजा के संदर्भ में, राष्ट्रपति एर्दोगन ने कहा कि अवैध बस्तियों के खिलाफ कनाडा और कुछ अन्य सहयोगी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंध इजरायली सरकार के उल्लंघनों को रोकने की दिशा में एक सही कदम हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि कनाडा क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए अपना यह रुख बनाए रखेगा।
इनपुट: IANS



