झारखंड: प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 20वें दिन भी जारी, CBI जांच की मांग पर अड़े
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को 20वें दिन भी जारी रहा। राजधानी रांची में जुटे प्रदर्शनकारी छात्र परीक्षा प्रणाली में सुधार, गड़बड़ियों…
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को 20वें दिन भी जारी रहा। राजधानी रांची में जुटे प्रदर्शनकारी छात्र परीक्षा प्रणाली में सुधार, गड़बड़ियों की CBI जांच और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की अपनी मांगों पर डटे हुए हैं।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है और जब तक सरकार उन्हें पूरा नहीं करती, तब तक वे अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। आंदोलन में शामिल विकास नामक एक छात्र ने कहा, "सरकार को छात्रों की समस्याओं को संवेदनशीलता और गंभीरता से लेना चाहिए और उन पर उचित ध्यान देना चाहिए। सरकारें तो आती-जाती रहेंगी और समय के साथ बदलती रहेंगी, लेकिन जवाबदेही तय होनी चाहिए।"
भूख हड़ताल और प्रशासन पर आरोप
छात्रों ने प्रशासन पर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश का भी आरोप लगाया है। एक छात्र ने कहा, "प्रशासन यहां आकर चिंगारी भड़काने की कोशिश कर रहा है। वे फूट डालना चाहता है, लेकिन हम बंटेंगे नहीं। सभी की मांग जायज हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ईमानदारी से ध्यान नहीं देती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
एक अन्य छात्र करन कुमार ने बताया कि आंदोलन के 20 दिन बीत चुके हैं और कई लोग भूख हड़ताल पर भी हैं, जिनमें से कुछ की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। उन्होंने कहा, "अभी 5-6 छात्र अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें देवेंद्र नाथ महतो और भूख हड़ताल करने वाले अन्य छात्र हैं।" करन के मुताबिक, विधानसभा घेराव के दौरान भी कुछ छात्रों को चोटें आई थीं। छात्रों की प्रमुख मांग सीजीएल परीक्षा को रद्द करना और भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए व्यवस्था में सुधार करना है।
इनपुट: IANS



