झारखंड: भर्ती परीक्षा विवाद पर विधायक जयराम महतो का 24 घंटे का निर्जला उपवास, छात्रों के आंदोलन को समर्थन
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन 16 दिनों से जारी है। इसी आंदोलन के समर्थन में डुमरी से विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के अध्यक्ष जयराम महतो…
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन 16 दिनों से जारी है। इसी आंदोलन के समर्थन में डुमरी से विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के अध्यक्ष जयराम महतो ने रविवार को 24 घंटे का निर्जला उपवास शुरू किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, महतो ने यह उपवास रांची के पुराने विधानसभा परिसर में सुबह 6:50 बजे शुरू किया।
जयराम महतो ने कहा कि उनका यह कदम 25 जुलाई से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों की आवाज़ सरकार तक पहुंचाने के लिए है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, “कई छात्र भूख हड़ताल पर हैं और लगातार उनकी तबीयत बिगड़ रही है। इसके बावजूद सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है।” उन्होंने आगे कहा कि छात्रों की आवाज दुनिया भर में पहुंच रही है, लेकिन शायद राज्य सरकार तक नहीं।
क्या हैं आंदोलन की मुख्य मांगें?
आंदोलनकारी छात्र और उनके समर्थन में उतरे विधायक जयराम महतो JPSC और JSSC की परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित सभी नियुक्ति परीक्षाओं को रद्द करना, कथित घोटाले में शामिल लोगों की गिरफ्तारी और पूरे मामले की CBI तथा ED से जांच कराना शामिल है। इसके अलावा, JPSC और JSSC के सभी पदाधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है ताकि किसी भी दोषी अधिकारी पर कार्रवाई हो सके।
आगे की रणनीति और सरकारी रुख
महतो ने कहा कि उनके उपवास का उद्देश्य “सरकार को छात्रों की स्थिति और उनकी मांगों की गंभीरता का अहसास कराना है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर इस पहल से बात नहीं बनी तो आंदोलन के लिए अगली रणनीति बनाई जाएगी और संघर्ष जारी रहेगा। महतो पहले ही यह घोषणा कर चुके हैं कि वह 10 अगस्त को छात्रों द्वारा प्रस्तावित विधानसभा मार्च में भी शामिल होंगे। छात्रों का यह प्रदर्शन JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ केंद्रित है।
इनपुट: IANS



