दिल्ली की 'वोट बचाओ' रैली से दूरी पड़ी भारी, कांग्रेस ने 3 राज्यों के 83 युवा पदाधिकारियों को किया निलंबित
कांग्रेस ने दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को हुई 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली में अनुपस्थित रहने वाले अपने कई पदाधिकारियों के खिलाफ बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट…
कांग्रेस ने दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को हुई 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली में अनुपस्थित रहने वाले अपने कई पदाधिकारियों के खिलाफ बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में पार्टी ने तीन राज्यों में भारतीय युवा कांग्रेस के कुल 83 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई उन दावों के बीच हुई है जिनमें रैली के लिए भीड़ जुटाने की बात कही गई थी। अब इस कदम को संगठन के भीतर जवाबदेही तय करने के एक स्पष्ट संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। निलंबित किए गए पदाधिकारियों में प्रदेश उपाध्यक्ष, महासचिव और जिलाध्यक्ष स्तर के नेता भी शामिल हैं।
किस राज्य में कितने पदाधिकारी निलंबित?
पार्टी द्वारा की गई इस कार्रवाई का सबसे ज्यादा असर मध्य प्रदेश में देखने को मिला, जहां युवा कांग्रेस के 60 पदाधिकारियों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा, हरियाणा में 10 और हिमाचल प्रदेश में 13 पदाधिकारियों पर भी यही एक्शन लिया गया है। ये सभी 1 नवंबर को इंडिया गठबंधन द्वारा आयोजित रैली में शामिल नहीं हुए थे।
रैली में राहुल गांधी ने क्या कहा था?
उल्लेखनीय है कि दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई इस रैली को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी संबोधित किया था। अपने संबोधन में उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने 'वोट चोरी' का आरोप लगाते हुए कहा था कि ज्ञानेश कुमार को इसके लिए मुकदमे का सामना करना पड़ेगा और उन्हें जेल जाना होगा।
राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के लिए काम करने का आरोप लगाते हुए कहा था, "ज्ञानेश कुमार ने जो किया है, वह देशद्रोह और हर नागरिक की आवाज की चोरी के समान है।" उन्होंने आगे कहा कि यह मामला सामान्य चोरी नहीं, बल्कि कानूनी भाषा में 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' श्रेणी का है। राहुल गांधी ने दावा किया था कि सीईसी ने ईवीएम के इस्तेमाल और मतदाता सूची से 13.5 करोड़ नाम हटाने के जरिए वोट चोरी की है। उन्होंने कहा था कि संविधान सर्वोच्च है और देश के लोकतंत्र व संविधान को बचाने की लड़ाई जारी रहेगी।
इनपुट: IANS



