राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सपा विधायक ने योगी सरकार पर बड़े लोगों को बचाने का आरोप लगाया, SIT जांच पर भी उठाए सवाल
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और आभूषणों की चोरी के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने योगी सरकार पर इस मामले में बड़े और प्रभावशाली लोगों को बचाने का
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और आभूषणों की चोरी के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने योगी सरकार पर इस मामले में बड़े और प्रभावशाली लोगों को बचाने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए हाईकोर्ट के किसी न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की है।
मेहरोत्रा ने अयोध्या (फैजाबाद) बार एसोसिएशन के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया, जिसमें राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। उन्होंने कहा, "पूरा देश जान गया है कि इस चोरी में बहुत बड़े-बड़े लोग शामिल हैं और उनको बचाने का काम हो रहा है।"
एसआईटी की भूमिका पर सवाल
सपा विधायक ने मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने ट्रस्टी अनिल मिश्रा से बंद कमरे में हुई पूछताछ और सिर्फ दो आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी की खबरों का हवाला देते हुए कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट की भी जांच होनी चाहिए। मेहरोत्रा ने आरोप लगाया, "बुलडोजर की चाबी अपराधियों के हाथ पहुंच गई है। इसीलिए बुलडोजर की कार्रवाई उन पर नहीं हो रही है जो राम मंदिर चढ़ावा में चोरी करने के आरोपी हैं।"
केंद्र सरकार पर भी निशाना
विधायक रविदास मेहरोत्रा ने केंद्र सरकार द्वारा 'वीबी-जी राम-जी योजना' लागू करने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे महात्मा गांधी के नाम पर चल रही मनरेगा योजना को बंद करने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार शुरू से ही राष्ट्रपिता के नाम से जुड़ी योजनाओं को बंद करती आ रही है, क्योंकि "भाजपा भगवान राम की नहीं, नाथूराम की पूजा करती है।"
इनपुट: IANS



