SCO बैठक से पहले ताजिकिस्तान से सैन्य सहयोग पर राजनाथ सिंह की अहम चर्चा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की एक महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेने के लिए ताजिकिस्तान में हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मुख्य आयोजन से पहले उन्होंने सोमवार को…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की एक महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेने के लिए ताजिकिस्तान में हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मुख्य आयोजन से पहले उन्होंने सोमवार को अपने ताजिक समकक्ष कर्नल जनरल इमोमाली सोबिरजोदा के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस मुलाकात का केंद्र भारत और ताजिकिस्तान के बीच रक्षा सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर था।
राजधानी दुशांबे में हुई इस बैठक में क्षमता निर्माण और सैन्य प्रशिक्षण जैसे विषयों पर विशेष रूप से जोर दिया गया। मुलाकात के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा, “शंघाई सहयोग संगठन के शासनाध्यक्षों की बैठक से इतर दुशांबे में ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री के साथ उपयोगी चर्चा हुई। हमने आपसी हितों के क्षेत्रों में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया। इसमें क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया।”
SCO की बैठक का एजेंडा
राजनाथ सिंह ताजिकिस्तान के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं, जहाँ वह एससीओ की शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 20 अक्टूबर को होने वाली इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश और संपर्क व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करना है।
इसके अतिरिक्त, इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में नवाचार और सांस्कृतिक-मानवीय आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर भी संवाद होगा। बैठक के दौरान संगठन के भीतर चल रही विभिन्न सहयोग पहलों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और उनसे जुड़े वित्तीय एवं संस्थागत मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा। भारत इस मंच के जरिए अन्य सदस्य देशों के साथ व्यावहारिक और पारस्परिक लाभ वाले सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
दुशांबे में रक्षा मंत्री का स्वागत
राजनाथ सिंह सोमवार रात को जब दुशांबे हवाई अड्डे पर पहुँचे, तो ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री इमोमाली सोबिरजोदा ने स्वयं उनका स्वागत किया। इस अवसर पर ताजिकिस्तान के विदेश मंत्रालय के एशिया-प्रशांत विभाग के प्रमुख शेराली जोनोन भी मौजूद थे।
इनपुट: IANS



