राजस्थान पंचायत चुनाव: डूंगरपुर और झालावाड़ में पहले चरण का मतदान जारी, कई जगह सुबह से ही कतारें
राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण के लिए शनिवार सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया है। डूंगरपुर और झालावाड़ जिलों की कई पंचायत समितियों में वोटर सरपंच और वार्ड पंच चुनने के लिए मतदान केंद्रों पर…
राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण के लिए शनिवार सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया है। डूंगरपुर और झालावाड़ जिलों की कई पंचायत समितियों में वोटर सरपंच और वार्ड पंच चुनने के लिए मतदान केंद्रों पर पहुँच रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सुबह मतदान की गति थोड़ी धीमी रही, लेकिन दिन चढ़ने के साथ इसमें तेज़ी आने की उम्मीद है।
डूंगरपुर जिले में सात पंचायत समितियों की 232 ग्राम पंचायतों में मतदान हो रहा है। इन पंचायतों में सरपंच पद के लिए 1,462 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जबकि 1,870 वार्ड पंच पदों के लिए भी वोट डाले जा रहे हैं। इस चरण में कुल 5,21,601 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे, जो सरपंच और वार्ड पंच के लिए अलग-अलग वोट देंगे।
शांतिपूर्ण मतदान के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम
चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। जिले के कुल 596 मतदान केंद्रों में से 108 को संवेदनशील या अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा के लिए सशस्त्र पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही, सभी मतदान केंद्रों पर गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए ट्राइपॉड कैमरे लगाए गए हैं। वहीं, झालावाड़ जिले में भी भवानी मंडी, डग, अकलेरा और मनोहर थाना क्षेत्रों की 128 ग्राम पंचायतों में वोट डाले जा रहे हैं, जहाँ सरपंच पद के लिए 747 प्रत्याशी मैदान में हैं।
कहीं चुनाव, तो कहीं निर्विरोध चयन
जहाँ एक ओर ज्यादातर पंचायतों में मतदान हो रहा है, वहीं डूंगरपुर की भंडारी पंचायत समिति के रामसोर जूना गांव में एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। यहाँ ग्रामीणों ने आपसी सहमति से जयंतीलाल को निर्विरोध सरपंच चुन लिया है। इसके साथ ही, ग्राम पंचायत के सभी सात वार्ड पंच भी बिना चुनाव के ही चुन लिए गए। इस वजह से इस गांव में मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी। अब केवल उपसरपंच का चुनाव होना है, जिसके भी निर्विरोध चुने जाने की संभावना है।
स्थानीय मुद्दे और मतदाताओं की प्रतिक्रिया
चुनाव में स्थानीय मुद्दे हावी हैं। एक मतदाता प्रवीण सिंह राणावत ने IANS से बातचीत में कहा, "हमारे यहां सरपंच ने कोई काम नहीं कराया है, जिससे लोगों को परेशानी होती है। कई कामों के बिल भी पास हो चुके हैं लेकिन अभी तक काम नहीं हुआ है।" इस तरह की शिकायतें मतदाताओं की उम्मीदों और स्थानीय प्रतिनिधियों के प्रदर्शन के बीच के अंतर को दर्शाती हैं।
इनपुट: IANS



