रेलवे टेंडर में घूसखोरी: CBI ने बिछाया जाल, नॉर्दर्न रेलवे के चीफ मैनेजर समेत 3 रंगे हाथ गिरफ्तार
रेलवे के टेंडर आवंटन में भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले रिश्वत लेने के आरोप में नॉर्दर्न रेलवे मुख्यालय के
रेलवे के टेंडर आवंटन में भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले रिश्वत लेने के आरोप में नॉर्दर्न रेलवे मुख्यालय के एक चीफ मैटेरियल्स मैनेजर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीआई ने एक जाल बिछाकर आरोपी मैनेजर को एक लाख रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा।
सीबीआई ने शनिवार को एक प्रेस नोट में बताया कि इस संबंध में 3 जुलाई को मामला दर्ज किया गया था। एजेंसी के अनुसार, नॉर्दर्न रेलवे मुख्यालय के कुछ अधिकारी एक निजी कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार कर रहे थे। ये अधिकारी सरकारी खरीद के नियमों को ताक पर रखकर उस कंपनी को टेंडर दिलाने में मदद कर रहे थे, जिसके एवज में उन्हें रिश्वत दी जा रही थी।
सीबीआई की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
प्रारंभिक जांच के बाद सीबीआई ने एक ट्रैप ऑपरेशन चलाया। इसी कार्रवाई के दौरान, जब निजी कंपनी का एक प्रतिनिधि नॉर्दर्न रेलवे के चीफ मैटेरियल्स मैनेजर को एक लाख रुपये की रिश्वत दे रहा था, तो एजेंसी ने उसे पकड़ लिया। मौके से रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली गई। इसके बाद सीबीआई ने रिश्वत देने वाले निजी व्यक्ति के साथ-साथ चीफ मैटेरियल्स मैनेजर और एक सीनियर क्लर्क को भी गिरफ्तार कर लिया।
FIR में छह आरोपी, कई ठिकानों पर छापेमारी
इस मामले में दर्ज एफआईआर में कुल छह आरोपियों के नाम हैं, जिनमें चीफ मैटेरियल्स मैनेजर, डिप्टी चीफ मैटेरियल्स मैनेजर, एक सीनियर क्लर्क, निजी कंपनी और उसके दो प्रतिनिधि शामिल हैं। कुछ अन्य अज्ञात सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच चल रही है। गिरफ्तारियों के बाद सीबीआई ने दिल्ली, गाजियाबाद, बुलंदशहर और कानपुर समेत कई जगहों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।
इनपुट: IANS



