राहुल गांधी के 'शुद्धिकरण' बयान पर FIR: भाजपा और कांग्रेस में तीखी नोकझोंक
उत्तराखंड में लोकसभा के शुद्धिकरण को 'दलित विरोधी' बताने वाले बयान को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी और…
उत्तराखंड में लोकसभा के शुद्धिकरण को 'दलित विरोधी' बताने वाले बयान को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। जहां भाजपा ने राहुल गांधी पर समाज को बांटने और नफरत फैलाने का आरोप लगाया है, वहीं कांग्रेस ने इस FIR को दलितों और संविधान का अपमान करार दिया है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि वाल्मीकि समुदाय के एक व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई गई FIR में आरोप है कि राहुल गांधी ने जाति और समाज को बांटकर एक गलत नैरेटिव बनाया है। सरावगी ने कहा, "राहुल गांधी पहले दूसरों के खिलाफ एफआईआर की मांग करते थे, अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है।"
भाजपा का हमला, कांग्रेस का पलटवार
भाजपा के अन्य नेताओं ने भी इस मुद्दे पर राहुल गांधी को घेरा है। पार्टी नेता नरोत्तम मिश्रा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, "जातियों को बांटना उनका काम है। नफरत फैलाना उनका काम है। राहुल गांधी ने सनातन और हमारी संस्कृति पर हमला किया है।" वहीं, शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने इस FIR को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि अगर दलित समुदाय के किसी व्यक्ति ने शिकायत की है तो अदालत ने उस पर संज्ञान लिया है और अब फैसला भी न्यायालय ही करेगा।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया है। पंजाब कांग्रेस के उपाध्यक्ष राजकुमार वेरका ने अमृतसर में कहा कि यह FIR दलितों और देश के संविधान का अपमान है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि भाजपा घबराई हुई है। राहुल गांधी, जो दलितों की रक्षा कर रहे हैं, देश के संविधान की रक्षा करने की कोशिश कर रहे हैं... हम संविधान के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे।"
इनपुट: IANS



