राहुल गांधी पर 'शुद्धिकरण यज्ञ' को लेकर FIR, प्रियांक खड़गे ने बताया राजनीति से प्रेरित
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में दर्ज एक FIR को लेकर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। यह FIR कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े एक कार्यक्रम स्थल के 'शुद्धिकरण यज्ञ' पर राहुल…
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में दर्ज एक FIR को लेकर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। यह FIR कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े एक कार्यक्रम स्थल के 'शुद्धिकरण यज्ञ' पर राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद दर्ज की गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।
मामला तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने एक 'शुद्धिकरण यज्ञ' को दलित विरोधी बताया था। इसके बाद वाल्मीकि समुदाय के एक व्यक्ति ने उनके खिलाफ FIR दर्ज करा दी।
विपक्ष ने FIR को बताया बदले की कार्रवाई
कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने इस FIR को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा, "उनके खिलाफ FIR दर्ज करने के बजाय जिन्होंने 'शुद्धिकरण' का काम किया और पूरे शहर में घूम-घूमकर बताया कि उन्होंने उस जगह को शुद्ध कर दिया है क्योंकि वहां एक दलित नेता ने भाषण दिया था, उनके खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए। आप उस व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर रहे हैं जिसने इस गैरकानूनी काम की आलोचना की और सवाल उठाया कि संविधान का उल्लंघन कैसे हो रहा है।"
इसी तरह, झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के प्रवक्ता मनोज पांडे ने इसे भाजपा की 'गंदी मानसिकता' करार दिया। उन्होंने कहा कि एक दलित नेता के कार्यक्रम स्थल का शुद्धिकरण करवाना पूरे दलित समाज का अपमान है और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय इस मुद्दे को उठाने वाले राहुल गांधी पर ही FIR कर दी गई।
भाजपा का पलटवार
दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के बयान की आलोचना की है। सांसद अनंत नायक ने कहा, "राहुल गांधी को भारत की संस्कृति की सही जानकारी नहीं है। जिस जगह पर हवन हो रहा था, वहां ऐसी बातें कहना दलितों का अपमान है, क्योंकि भारत की संस्कृति, सनातन संस्कृति और हिंदू संस्कृति में सभी शामिल हैं- आदिवासी, दलित और सभी समुदाय।" उन्होंने हवन को सनातन संस्कृति का अहम हिस्सा बताते हुए राहुल के बयान को गलत ठहराया।
वहीं, मंत्री दिलीप घोष ने इस मुद्दे पर कहा कि कहीं भी आने-जाने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन अगर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास किया गया तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।
इनपुट: IANS



