गुरूवार, 23 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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पुणे: मोशी में निर्माणाधीन इमारत ढही, 9 लोगों को बचाया गया, एक की मौत, बचाव कार्य जारी

पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ स्थित मोशी इलाके में बुधवार को एक निर्माणाधीन इमारत ढहने के बाद से कई एजेंसियां मिलकर बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य चला रही हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस हादसे में अ

पुणे: मोशी में निर्माणाधीन इमारत ढही, 9 लोगों को बचाया गया, एक की मौत, बचाव कार्य जारी
(फोटो: IANS)

पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ स्थित मोशी इलाके में बुधवार को एक निर्माणाधीन इमारत ढहने के बाद से कई एजेंसियां मिलकर बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य चला रही हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस हादसे में अब तक नौ लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि एक व्यक्ति की मृत्यु की पुष्टि हुई है। यह तीन मंजिला इमारत एक कचरा-से-ऊर्जा (वेस्ट-टू-एनर्जी) प्रोजेक्ट के पास बन रही थी।

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घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ, पुलिस, सेना और स्थानीय आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं और युद्धस्तर पर अभियान शुरू कर दिया। बचाए गए लोगों की पहचान विजय सपकाल, दादासाहेब आरडे, रणवीर सिंह, सोमनाथ शेलके, महेश राऊत, रामप्रताप चव्हाण, शुभम पाटील, सचिन दाबडगव और सुजाता शिंदे के रूप में हुई है। वहीं, मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम और अन्य प्रक्रियाओं के लिए वाईसीएम अस्पताल भेज दिया गया है।

तलाशी अभियान और चुनौतियां

अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मलबे में अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है और उनकी तलाश लगातार जारी है। बचाव दल भारी मशीनरी और उपकरणों की मदद से सावधानीपूर्वक मलबा हटा रहे हैं। पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (पीसीएमसी) के फायर ऑफिसर दिलीप गायकवाड़ ने IANS को बताया कि शुरुआत में 17 लोगों के फंसे होने की सूची मिली थी, जिनमें से नौ को देर रात तक सुरक्षित निकाल लिया गया।

उन्होंने अभियान की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि इमारत के बीम और स्लैब टूटने से अंदर जाने का रास्ता बेहद संकरा हो गया है। कई जगहों पर जवानों को रेंगकर जाना पड़ रहा है। कचरे के ढेर और उससे प्राकृतिक रूप से बन रही गैसों के कारण भी बचाव कार्य में कठिनाई आ रही है, जिसके लिए टीमें विशेष सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल कर रही हैं।

कैसे चल रहा है बचाव कार्य

अधिकारियों के मुताबिक, बचाव दलों ने सबसे पहले एक सुरक्षित जगह की पहचान कर स्लैब को काटकर अंदर जाने का रास्ता बनाया। जिन मजदूरों ने अंदर से प्रतिक्रिया दी या मदद के लिए आवाज लगाई, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर एक-एक करके बाहर निकाला गया। बचाव दलों को जानकारी मिली थी कि इमारत के कैंटीन वाले हिस्से में कुछ लोग हो सकते हैं, इसलिए उस क्षेत्र में तलाशी अभियान पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।

इनपुट: IANS

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