किर्गिस्तान: महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे PM मोदी, छात्रों ने सुनाया बापू का प्रिय भजन
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भाग लेने किर्गिस्तान पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बिश्केक में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस भावपूर्ण अवसर पर वहां…
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भाग लेने किर्गिस्तान पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बिश्केक में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस भावपूर्ण अवसर पर वहां मौजूद भारतीय छात्रों ने राष्ट्रपिता का प्रिय भजन 'वैष्णव जन तो' सुनाया, जिसे सुनकर प्रधानमंत्री भावविभोर हो गए।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, उच्च शिक्षा के लिए किर्गिस्तान में रह रहे तीन भारतीय छात्रों ने यह प्रस्तुति दी। इनमें महाराष्ट्र के पार्थ, विशाखापत्तनम की काव्या और महाराष्ट्र के ही पृथ्वीराज चौहान शामिल थे। छात्रों ने एजेंसी को बताया कि भजन सुनकर प्रधानमंत्री काफी भावुक हो गए थे। पीएम मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "आज सुबह बिश्केक स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा को नमन किया। गांधी जी के विचार हमारे मनःपटल पर हमेशा छाए रहेंगे।"
कूटनीतिक बैठकें और सांस्कृतिक कार्यक्रम
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा कूटनीतिक रूप से काफी व्यस्त रहा। गांधी स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने से पहले और बाद में उन्होंने कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। उन्होंने किर्गिस्तान के राष्ट्रपति के अलावा रूस, ईरान और आर्मेनिया के राष्ट्र प्रमुखों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता की और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। गौरतलब है कि बिश्केक स्थित इस गांधी स्मारक का अनावरण स्वयं प्रधानमंत्री मोदी ने 2015 में अपनी किर्गिस्तान यात्रा के दौरान किया था।
पीएम मोदी रविवार देर रात उज्बेकिस्तान से बिश्केक पहुंचे थे, जहां किर्गिज गणराज्य के कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स के चेयरमैन आदिलबेक कासिमालीव ने उनका स्वागत किया। होटल में प्रवासी भारतीयों ने भी उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया और उनके सम्मान में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें वंदे मातरम् की धुन पर योग का प्रदर्शन भी शामिल था।
वर्ल्ड नोमैड गेम्स में शिरकत
अपनी बैठकों के अलावा, प्रधानमंत्री मोदी सोमवार रात किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव द्वारा आयोजित VI वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे। इसके बाद राष्ट्राध्यक्षों के लिए एक अनौपचारिक रात्रिभोज और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
इनपुट: IANS



