सोमवार, 31 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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पीएम मोदी की उज़्बेकिस्तान यात्रा: भाजपा ने यूरेनियम समझौते और सर्वोच्च सम्मान को बताया 'ऐतिहासिक'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया उज़्बेकिस्तान यात्रा और वहां हुए समझौतों को भारतीय जनता पार्टी ने एक 'ऐतिहासिक' उपलब्धि बताया है। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने इस यात्रा के रणनीतिक, व्यापारिक…

पीएम मोदी की उज़्बेकिस्तान यात्रा: भाजपा ने यूरेनियम समझौते और सर्वोच्च सम्मान को बताया 'ऐतिहासिक'
(फोटो: IANS)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया उज़्बेकिस्तान यात्रा और वहां हुए समझौतों को भारतीय जनता पार्टी ने एक 'ऐतिहासिक' उपलब्धि बताया है। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने इस यात्रा के रणनीतिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 60 वर्षों में कालचक्र की गति मोदी सरकार में पूरी तरह से बदल चुकी है।

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समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, त्रिवेदी ने विशेष रूप से भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच हुए यूरेनियम आपूर्ति समझौते का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "आज 60 वर्ष बाद उसी देश से हमारी परमाणु उर्जा की निरंतरता और स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने यूरेनियम सप्लाई के लिए ऐतिहासिक समझौता किया है। यह समझौता भविष्य में भारत की उर्जा आवश्यकता के लिए एक मील का पत्थर है।"

व्यापार और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग

इस यात्रा के दौरान व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को एक बिलियन डॉलर से बढ़ाकर पांच बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य रखा है। सांस्कृतिक मोर्चे पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उज़्बेकिस्तान के तमरेज क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन बौद्ध विहार के संरक्षण की जिम्मेदारी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को सौंपी गई है।

इसके अतिरिक्त, भारत सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाम पर हिंदी पढ़ने वाले 100 छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की घोषणा की है। साथ ही, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) ताशकंद विश्वविद्यालय में एक संस्कृत चेयर की स्थापना करेगा।

ताशकंद और शास्त्री जी का जिक्र

सुधांशु त्रिवेदी ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के ताशकंद में हुए निधन को याद करते हुए इस यात्रा के ऐतिहासिक संदर्भ पर बल दिया। उन्होंने कहा, "पूरे देश को याद है कि यह वही ताशकंद है, जहां एक समय में हमारे पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री रहस्यपूर्ण परिस्थितियों में सदा के लिए सो गए थे।" उन्होंने दावा किया कि उस समय कुछ प्रतिगामी शक्तियां भारत की परमाणु ऊर्जा आत्मनिर्भरता के पक्ष में नहीं थीं, जिसकी शुरुआत शास्त्री जी ने की थी।

प्रधानमंत्री मोदी को सर्वोच्च सम्मान

यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को उज़्बेकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से भी सम्मानित किया गया। त्रिवेदी ने इसे हर भारतीय के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि यह केवल प्रधानमंत्री का व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक पहचान और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी को अब तक 36 देशों से उनके सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुके हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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