PMCH के ऑपरेशन थिएटर में AC में आग: शॉर्ट सर्किट से धुआं फैला, कर्मचारियों की सतर्कता से टला हादसा – Patna News h3>
पटना17 मिनट पहले
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पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) के राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक (RSB) में बुधवार को एक हादसा टल गया। दूसरे तल पर स्थित एक ऑपरेशन थिएटर (OT) के एयर कंडीशनर (AC) में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। इससे पूरे इलाके में धुआं फैल गया और कुछ समय के लिए अफरातफरी मच गई। हालांकि, अस्पताल कर्मचारियों और तकनीकी टीम की तत्परता से आग पर तुरंत काबू पा लिया गया।
यह घटना राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक के दूसरे फ्लोर पर स्थित OT-3 में हुई। जानकारी के मुताबिक, OT-3 में लगे AC से अचानक धुआं निकलने लगा, जो देखते ही देखते ऑपरेशन थिएटर के आसपास फैल गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण AC में हुआ शॉर्ट सर्किट बताया गया है।
PMCH का आधुनिक सुविधाओं से लैस नया भवन।
धुएं और चिंगारी से बना अफरातफरी का माहौल
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धुएं और चिंगारियों के कारण वहां मौजूद मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तत्काल प्रभावित हिस्से की बिजली आपूर्ति बंद करवा दी। तकनीकी टीम और कर्मचारियों ने मिलकर आग को फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया।
इस घटना में किसी मरीज, चिकित्सक या कर्मचारी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और न ही कोई जनहानि हुई। कर्मचारियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से हादसा टल गया।
दो घंटे के भीतर सामान्य हुई व्यवस्था
PMCH के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि शॉर्ट सर्किट के कारण OT-3 के एसी में तकनीकी खराबी आई थी, जिससे धुआं उठने लगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित कर लिया और कुछ ही समय में व्यवस्था सामान्य कर दी गई।
अस्पताल सेवाओं पर नहीं पड़ा बड़ा असर
अधीक्षक के अनुसार, घटना के कारण अस्पताल की नियमित स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा। सभी मरीज सुरक्षित हैं और अन्य ऑपरेशन थिएटरों में चिकित्सा सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं।
पुरानी विद्युत व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर PMCH के पुराने भवनों की विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक काफी पुराना भवन है और यहां लंबे समय से व्यापक स्तर पर री-वायरिंग नहीं कराई गई है। भवन के कई हिस्सों में पुराने और जर्जर बिजली के तार मौजूद हैं। कुछ स्थानों पर तार खुले और लटके हुए भी दिखाई देते हैं, जिससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा लगातार बना रहता है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते विद्युत व्यवस्था का आधुनिकीकरण नहीं किया गया तो भविष्य में इससे भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने विद्युत और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में नियमित विद्युत ऑडिट, फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच और पुरानी वायरिंग को बदलना बेहद जरूरी है। बुधवार की घटना में भले ही कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इसने स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
कर्मचारियों की सूझबूझ और फौरन कार्रवाई के कारण एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई, लेकिन इस घटना ने PMCH की पुरानी विद्युत व्यवस्था के आधुनिकीकरण की जरूरत को फिर से उजागर कर दिया है।
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पटना17 मिनट पहले
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पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) के राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक (RSB) में बुधवार को एक हादसा टल गया। दूसरे तल पर स्थित एक ऑपरेशन थिएटर (OT) के एयर कंडीशनर (AC) में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। इससे पूरे इलाके में धुआं फैल गया और कुछ समय के लिए अफरातफरी मच गई। हालांकि, अस्पताल कर्मचारियों और तकनीकी टीम की तत्परता से आग पर तुरंत काबू पा लिया गया।
यह घटना राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक के दूसरे फ्लोर पर स्थित OT-3 में हुई। जानकारी के मुताबिक, OT-3 में लगे AC से अचानक धुआं निकलने लगा, जो देखते ही देखते ऑपरेशन थिएटर के आसपास फैल गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण AC में हुआ शॉर्ट सर्किट बताया गया है।
PMCH का आधुनिक सुविधाओं से लैस नया भवन।
धुएं और चिंगारी से बना अफरातफरी का माहौल
धुएं और चिंगारियों के कारण वहां मौजूद मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तत्काल प्रभावित हिस्से की बिजली आपूर्ति बंद करवा दी। तकनीकी टीम और कर्मचारियों ने मिलकर आग को फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया।
इस घटना में किसी मरीज, चिकित्सक या कर्मचारी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और न ही कोई जनहानि हुई। कर्मचारियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से हादसा टल गया।
दो घंटे के भीतर सामान्य हुई व्यवस्था
PMCH के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि शॉर्ट सर्किट के कारण OT-3 के एसी में तकनीकी खराबी आई थी, जिससे धुआं उठने लगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित कर लिया और कुछ ही समय में व्यवस्था सामान्य कर दी गई।
अस्पताल सेवाओं पर नहीं पड़ा बड़ा असर
अधीक्षक के अनुसार, घटना के कारण अस्पताल की नियमित स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा। सभी मरीज सुरक्षित हैं और अन्य ऑपरेशन थिएटरों में चिकित्सा सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं।
पुरानी विद्युत व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर PMCH के पुराने भवनों की विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक काफी पुराना भवन है और यहां लंबे समय से व्यापक स्तर पर री-वायरिंग नहीं कराई गई है। भवन के कई हिस्सों में पुराने और जर्जर बिजली के तार मौजूद हैं। कुछ स्थानों पर तार खुले और लटके हुए भी दिखाई देते हैं, जिससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा लगातार बना रहता है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते विद्युत व्यवस्था का आधुनिकीकरण नहीं किया गया तो भविष्य में इससे भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने विद्युत और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में नियमित विद्युत ऑडिट, फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच और पुरानी वायरिंग को बदलना बेहद जरूरी है। बुधवार की घटना में भले ही कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इसने स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
कर्मचारियों की सूझबूझ और फौरन कार्रवाई के कारण एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई, लेकिन इस घटना ने PMCH की पुरानी विद्युत व्यवस्था के आधुनिकीकरण की जरूरत को फिर से उजागर कर दिया है।
