भारत-किर्गिस्तान संबंध: पीएम मोदी के दौरे से निवेश और व्यापार में नए अध्याय की उम्मीद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी किर्गिस्तान दौरे को लेकर मेजबान देश में काफी उत्साह है। किर्गिस्तान सरकार का मानना है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक और निवेश संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी किर्गिस्तान दौरे को लेकर मेजबान देश में काफी उत्साह है। किर्गिस्तान सरकार का मानना है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक और निवेश संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, किर्गिस्तान के वरिष्ठ मंत्रियों ने इस दौरे को एक 'ऐतिहासिक' और 'विशेष' अवसर बताया है, जिससे द्विपक्षीय सहयोग के और मजबूत होने की उम्मीद है।
किर्गिस्तान के निवेश मंत्री रावशानबेक सबिरोव ने कहा, "यह किर्गिस्तान के लिए बहुत खास मौका है। हमारा मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक दौरे के बाद भारत और किर्गिस्तान के बीच सहयोग एक नए स्तर पर पहुंचेगा। हमें उम्मीद है कि इस दौरे से किर्गिस्तान और भारत के बीच निवेश की संभावना और आर्थिक सहयोग और मजबूत होगा।"
व्यापार और आर्थिक सहयोग
दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापारिक रिश्ते पहले से ही सकारात्मक संकेत दे रहे हैं। सबिरोव के मुताबिक, 2024 में भारत और किर्गिस्तान के बीच आपसी व्यापार लगभग 91 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि किर्गिस्तान भारत को शहद, सूखे मेवे, बीन्स और सोना जैसी चीजें निर्यात करता है, जबकि भारतीय उत्पाद जैसे काजू और अन्य सूखे मेवे किर्गिस्तान में उपलब्ध हैं।
एससीओ शिखर सम्मेलन और भविष्य की साझेदारी
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के अवसर पर हो रहा है। पर्यटन मंत्री एडुआर्ड कुबातोव ने बताया कि यह एक ऐतिहासिक 25वीं वर्षगांठ शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा, "हम जल्द ही प्रधानमंत्री के किर्गिस्तान दौरे का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।"
भविष्य के संबंधों पर जोर देते हुए कुबातोव ने कहा कि किर्गिस्तान एक नए रास्ते पर है और द्विपक्षीय व बहुपक्षीय दोनों स्तरों पर रणनीतिक साझेदारी बना रहा है। उन्होंने कहा, "भारत हमारा वैश्विक साझेदार है। हम दुनिया में भारत की अहम भूमिका को पहचानते हैं। भारत न सिर्फ किर्गिस्तान का साझेदार है, बल्कि पूरे मध्य एशिया के लिए भी एक अहम साझेदार है।"
इनपुट: IANS



