बिहार: चुनाव आयोग के खिलाफ सड़कों पर उतरा महागठबंधन, पटना समेत सभी प्रखंडों में 'आक्रोश मार्च'
बिहार में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों का गुस्सा सड़कों पर दिखा। इंडिया गठबंधन के आह्वान पर बुधवार को RJD के नेतृत्व वाले महागठबंधन ने पटना समेत राज्य…
बिहार में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों का गुस्सा सड़कों पर दिखा। इंडिया गठबंधन के आह्वान पर बुधवार को RJD के नेतृत्व वाले महागठबंधन ने पटना समेत राज्य के सभी 534 प्रखंडों में 'आक्रोश मार्च' निकाला। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले भी फूंके गए।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा घोषित इस कार्यक्रम के तहत पटना में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रदेश कार्यालय से इनकम टैक्स गोलंबर तक मार्च निकाला गया। इसमें राजद, सीपीआई (एमएल) और सीपीआई सहित कई घटक दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
चुनाव आयोग पर दबाव का आरोप
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहा है और उसकी निष्पक्षता संदेह के घेरे में है। उन्होंने 'ज्ञानेश भगाओ, लोकतंत्र बचाओ' और 'वोट चोर गद्दी छोड़' जैसे नारे लगाए। नेताओं ने बिहार से शुरू की गई एसआईआर प्रक्रिया पर गंभीर आपत्ति जताते हुए चुनावी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता की मांग की।
आंदोलन जारी रखने की घोषणा
राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने बताया कि यह विरोध प्रदर्शन यहीं नहीं रुकेगा। उन्होंने घोषणा की कि 8 अक्टूबर को तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पटना के शहीद स्मारक से राजभवन तक एक बड़ा मार्च निकाला जाएगा। इसके साथ ही, राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर भी इंडिया गठबंधन के घटक दलों द्वारा धरना और प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इस प्रस्तावित मार्च में गठबंधन के सभी सांसद, विधायक, विधान पार्षद और अन्य वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
इनपुट: IANS



