मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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पटना: दारोगा बहाली परीक्षा रद्द होने पर भड़के अभ्यर्थी, सड़कों पर उतरकर किया जोरदार प्रदर्शन

बिहार में दारोगा के 1,799 पदों पर नियुक्ति के लिए हुई मुख्य परीक्षा को रद्द करने के फैसले के खिलाफ सोमवार को राजधानी पटना की सड़कों पर अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के…

पटना: दारोगा बहाली परीक्षा रद्द होने पर भड़के अभ्यर्थी, सड़कों पर उतरकर किया जोरदार प्रदर्शन
(फोटो: IANS)

बिहार में दारोगा के 1,799 पदों पर नियुक्ति के लिए हुई मुख्य परीक्षा को रद्द करने के फैसले के खिलाफ सोमवार को राजधानी पटना की सड़कों पर अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सैकड़ों प्रदर्शनकारी बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) से अपना निर्णय वापस लेने और पहले घोषित हो चुके नतीजों को मान्य करने की मांग कर रहे थे।

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प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने हाथों में पोस्टर लेकर सरकार और आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एक पोस्टर पर लिखा था, "दो कचौड़ी, एक समोसा, बीपीएसएससी का क्या भरोसा", जो आयोग की कार्यप्रणाली पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी थी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे पिछले सात दिनों से गर्दनीबाग में शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

पुलिस से हुई धक्का-मुक्की

सोमवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जेपी गोलंबर के पास इकट्ठा हुए और मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस ने पहले से ही भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी और मौके पर महिला पुलिसकर्मियों समेत बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात थे। जब अभ्यर्थियों ने मौर्य लोक की तरफ से आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके कारण दोनों पक्षों में कई बार धक्का-मुक्की हुई। इस प्रदर्शन के चलते आसपास के इलाकों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि बीपीएसएससी ने दारोगा के 1,799 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आयोजित की थी, जिसकी मुख्य परीक्षा के नतीजे भी जारी कर दिए गए थे। हालांकि, बाद में परीक्षा में अनियमितता के आरोप लगने पर आयोग ने पूरी परीक्षा को ही रद्द कर दिया। इसी फैसले से अभ्यर्थी नाराज हैं। उनका तर्क है कि परीक्षा रद्द करने की बजाय मामले की निष्पक्ष जांच कर सिर्फ दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि इस फैसले से हजारों मेहनती छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।

इनपुट: IANS

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News4Social बिहार डेस्क

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