कोलकाता भगदड़: शांति बनाए रखने के लिए मेडिकल कॉलेज के आसपास 3 दिन तक सभा-जुलूस पर रोक
कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के बाद शहर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता मेडिकल कॉलेज और उसके…
कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के बाद शहर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता मेडिकल कॉलेज और उसके आसपास के इलाकों में तीन दिनों के लिए किसी भी तरह की रैली, बैठक या प्रदर्शन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यह आदेश 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा।
पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी किए गए आदेश में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 लागू करने की बात कही गई है। प्रशासन ने यह फैसला विश्वसनीय स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर लिया है, जिसमें कुछ समूहों या संगठनों द्वारा हिंसक प्रदर्शन की आशंका जताई गई थी। आदेश का उद्देश्य सार्वजनिक व्यवस्था, स्वास्थ्य और लोगों की सुरक्षा को किसी भी तरह के खतरे से बचाना है।
क्यों और कहाँ लागू हुई धारा 163?
आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि व्यापक जनहित में शांति भंग होने और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने की किसी भी आशंका को तुरंत रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। इसके तहत, कोलकाता शहर और आसपास के क्षेत्रों में किसी भी रैली, बैठक, जुलूस, धरना या प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी। यह प्रतिबंध विशेष रूप से कोलकाता मेडिकल कॉलेज के आस-पास के क्षेत्र पर केंद्रित है, जहाँ भगदड़ के बाद स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
यह निर्णय बीती रात चोरबगान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई दुखद भगदड़ के बाद लिया गया है। इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक आपातकालीन बैठक भी की थी, जिसमें मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
भगदड़ पीड़ितों के लिए मुआवज़े का ऐलान
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पत्रकारों को बताया कि उत्तर कोलकाता के मुक्तारामबाबू स्ट्रीट पर हुए इस हादसे में 19 लोगों की जान चली गई, जिनमें से 17 की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। उन्होंने जानकारी दी कि 25 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर है जबकि 24 खतरे से बाहर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, "जिन 19 परिवारों ने अपने किसी सदस्य को खोया है, उनके लिए मुआवजे का ऐलान किया गया है। उनमें से 13 परिवारों से मैंने वन-टू-वन मुलाकात की। मैंने उन्हें भरोसा दिया कि सरकार उनके साथ खड़ी है और उनकी मदद करेगी। उन्होंने भी सरकार पर भरोसा जताया है।"
सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये और एक सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। साथ ही, हर घायल को 5 लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा दिया जाएगा और उनके इलाज का 100 प्रतिशत खर्च भी सरकार उठाएगी। मुख्यमंत्री ने राज्य में हो रही 58,000 पूजाओं के आयोजकों से भी सावधानी बरतने और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस व फायर ब्रिगेड के निर्देशों का पालन करने की अपील की।
इनपुट: IANS



