नशा-विरोधी कार्यकर्ता की CDR लीक: पिता के संघर्ष को मिला कांग्रेस का साथ, पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप
पंजाब में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की मौत के बाद उनकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) एक निजी व्यक्ति को लीक होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस संवेदनशील मामले में अब पंजाब कांग्रेस के…
पंजाब में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की मौत के बाद उनकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) एक निजी व्यक्ति को लीक होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस संवेदनशील मामले में अब पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष परगट सिंह ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने झोटा के पिता भीम सिंह के संघर्ष को पूरे पंजाब की लड़ाई बताते हुए उनकी हिम्मत की सराहना की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, परगट सिंह ने कहा कि एक जवान बेटे को खोने के असहनीय दर्द के बावजूद भीम सिंह ने जिस तरह से अपनी बात रखी है, वह प्रशंसनीय है।
जालंधर में पत्रकारों से बात करते हुए परगट सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि यह लड़ाई अब सिर्फ परविंदर सिंह झोटा के परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके पिता पूरे पंजाब की आवाज बन गए हैं। उन्होंने भीम सिंह के उस रुख की भी प्रशंसा की, जिसमें उन्होंने कुछ लोगों द्वारा मामले को हिंदू-सिख विवाद का रंग देने की कोशिशों को नकारते हुए भाईचारे और एकता का संदेश दिया।
पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप
उधर, मानसा में मीडिया से बात करते हुए परविंदर के पिता भीम सिंह ने पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि CDR लीक होना पुलिस के भीतर चल रही गड़बड़ियों को उजागर करता है। उन्होंने माखन नामक एक व्यक्ति को पुलिस का मुखबिर बताते हुए दावा किया कि पत्रकार कुलदीप सिंह धालीवाल को डराया-धमकाया जा रहा है।
भीम सिंह ने पत्रकार धालीवाल का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि वह एक गरीब और शिक्षित युवा हैं, जिनके पिता के साथ वह स्वयं खेतों में काम कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि धालीवाल के पिता ने बड़ी मेहनत से अपने बेटे को पढ़ा-लिखाकर इस मुकाम तक पहुँचाया है।
केंद्रीय गृह मंत्री तक जाएगी बात
भीम सिंह ने डीएसपी गिल पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि घटना की सूचना मिलने के कुछ ही मिनटों में अधिकारी को मौके पर पहुंचना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बजाय गरीब परिवारों के पढ़े-लिखे युवाओं और पत्रकारों को धमकाया जा रहा है। भीम सिंह ने स्पष्ट किया कि वह इस पूरे मामले को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष उठाएंगे। उनकी मांगों में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जांच, एफआईआर, डीएसपी की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी के साथ-साथ उनकी संपत्तियों की जांच भी शामिल है।
इनपुट: IANS



