देशभर में वन नेशन-वन राशन कार्ड स्कीम शुरू हो गई है. हाल ही में देश को दिए गए राहत पैकेज के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसका ऐलान किया था. 1 जून 2020 से लागू होने वाली इस योजना का फायदा उन लोगों को मिलेगा, जो अपने गृह राज्य को छोड़ दूसरे राज्य में रह रहे हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक, देश के 23 राज्यों में मौजूद 67 करोड़ राशनकार्ड धारकों को (PDS आबादी का 83 फीसदी है) अगस्त 2020 तक नेशनल पोर्टेबिलिटी से जोड़ दिया जाएगा. मार्च 2021 तक 100 फीसदी आबादी इसका हिस्सा होगी. आइये जानते हैं कि वन नेशन वन राशन कार्ड योजना क्या है और कैसे इसका फायदा मिलेगा?
वन नेशन वन राशन कार्ड योजना बिल्कुल मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तरह है. जैसे एक राज्य से दूसरे में जाने पर आपको सिर्फ नेटवर्क बदलने की जरूरत होती है, लेकिन नंबर वही रहता है. ऐसे ही अब आपका राशन कार्ड भी नहीं बदलेगा. आसान भाषा में समझें तो एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर आप अपने राशन कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं. दूसरे राज्य से भी सरकारी राशन खरीद सकेंगे. इसके लिए किसी नए राशन कार्ड की जरूरत नहीं होगी. आपका पुराने राशन कार्ड ही इसके लिए पूरी तरह मान्य होगा.
वन नेशन वन राशन कार्ड का फायदा कार्ड रखने वाले सभी लोगों को मिलेगा. सबसे बड़ा फायदा प्रवासी मजदूरों को होगा. किसी भी राज्य से सरकारी रेट पर अनाज ले सकेंगे. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के मुताबिक, देश के 81 करोड़ लोग जन वितरण प्रणाली (PDS) के जरिए राशन की दुकान से 3 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से चावल और दो रुपए प्रति किलो की दर से गेहूं और एक रुपए प्रति किलोग्राम की दर से मोटा अनाज खरीद सकते हैं.
वन नेशन वन राशन कार्ड का फायदा लेने के लिए आपको पास दो जरूरी दस्तावेज होने चाहिए. पहला तो आपका राशन कार्ड और दूसरा आधार कार्ड. अगर आप किसी दूसरे राज्य में जाकर राशन कार्ड का फायदा उठाना चाहते हैं तो आपका वेरिफिकेशन आधार नंबर के जरिए होगा. हर राशन कार्ड की दुकान पर एक इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल डिवाइस होगी. इससे ही आधार नंबर के जरिए लाभार्थी का वेरिफिकेशन होगा
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केंद्र सरकार राज्यों को 10 अंकों का राशन कार्ड नंबर जारी करेगी. इस नंबर में पहले दो अंक राज्य कोड होंगे और अगले दो अंक राशन कार्ड नंबर होंगे. इसके अतिरिक्त राशन कार्ड नंबर के साथ एक और दो अंकों के सेट को जोड़ा जाएगा. इसे देश भर में लागू करने के लिए राशन कार्डों की पोर्टेबिलिटी की सुविधा होगी.केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि ‘वन नेशन, वन राशन’ कार्ड योजना लागू होने के बाद भी पुराना राशन कार्ड चलता रहेगा. सिर्फ नए नियम के आधार पर उसे अपडेट किया जाएगा, जिससे वो पूरे देश में मान्य होगा. अलग से कोई नया राशन कार्ड बनवाने की जरूरत नहीं है.
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