ओडिशा: भारी बारिश से कई नदियाँ उफान पर, सरकार ने बाढ़ से निपटने के लिए कमर कसी
ओडिशा में लगातार हो रही बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जिससे निपटने के लिए राज्य सरकार ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मंगलवार को…
ओडिशा में लगातार हो रही बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जिससे निपटने के लिए राज्य सरकार ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मंगलवार को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय बैठक में मौजूदा स्थिति और सभी संबंधित विभागों की तैयारियों की समीक्षा की गई।
बैठक में मंत्री ने जनता से शांत रहने और घबराहट से बचने की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा दी जा रही सहायता का पूरा लाभ उठाएँ। उन्होंने जिला प्रशासनों और संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने और लगातार सतर्क रहने का निर्देश दिया है।
नदियों का बढ़ता जलस्तर और प्रभावित क्षेत्र
राज्य में बैतरणी और जलका नदियों का जलस्तर आनंदपुर और अखुआपाडा में खतरे के निशान को पार कर गया है। इसके अलावा, कुछ स्थानों पर जलस्तर बढ़ने के कारण ब्राह्मणी और स्वर्णरेखा नदियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक बारिश बालासोर जिले में दर्ज की गई है, जबकि भद्रक और जाजपुर जिलों के कई इलाके भी भारी वर्षा से प्रभावित हुए हैं।
प्रशासनिक तैयारी और राहत कार्य
सरकार ने बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। संवेदनशील जिलों बालासोर, भद्रक और जाजपुर में NDRF और ODRAF की टीमें तैनात कर दी गई हैं। सभी जिला कलेक्टरों और ब्लॉक विकास अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
मुख्य निर्देश और व्यवस्थाएँ इस प्रकार हैं:
- जोखिम वाले और निचले इलाकों से लोगों को तेजी से सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है।
- सभी राहत शिविरों में पका हुआ भोजन, पीने का पानी और अन्य जरूरी सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं।
- पुलिस विभाग को विस्थापित लोगों के घरों और सामान की सुरक्षा करने और रात में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है।
- स्वास्थ्य विभाग को दवाओं और एंटी-स्नेक वेनम का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है।
- पशुधन की सुरक्षा के लिए चारे सहित पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
आगामी 12 घंटों को महत्वपूर्ण मानते हुए विशेष राहत आयुक्त (SRC) के कार्यालय को रात भर काम करने का निर्देश दिया गया है। मंत्री सुरेश पुजारी ने अधिकारियों को यह भी कहा है कि वे नुकसान का तुरंत आकलन करें और नियमों के अनुसार प्रभावित परिवारों को घर और कृषि भूमि के नुकसान का मुआवजा दें। स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखने के लिए राज्य और जिला आपातकालीन संचालन केंद्र लगातार समन्वय बनाए हुए हैं।
इनपुट: IANS



