नेपाल बाढ़: चिलिमे सुरंग में भारतीय टीम की बड़ी चुनौती, DNA जांच में भी कर रही मदद
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत की ओर से राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय बचाव दल इस समय मुश्किल परिस्थितियों में चिलिमे सुरंग से…
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत की ओर से राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय बचाव दल इस समय मुश्किल परिस्थितियों में चिलिमे सुरंग से पानी और कीचड़ निकालने के काम में जुटा हुआ है।
विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि सुरंग की ढलान और अंदर पहुंचने में आने वाली कठिनाइयों के बावजूद, संयुक्त तकनीकी टीम नए और प्रभावी तरीकों से काम को आगे बढ़ा रही है। टीम के सामने ये बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन वे इनसे निपटने का प्रयास कर रहे हैं।
राहत सामग्री और तकनीकी सहायता
इस बचाव अभियान को गति देने के लिए सुरंग के अंदर भारी मशीनरी ले जाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए एक अस्थायी रास्ता बनाया जा रहा है, जिसके अगले 2 से 3 दिनों में पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा, भारत ने अब तक सात विमानों के ज़रिए नेपाल को 95 टन राहत सामग्री भेजी है।
राहत कार्यों के साथ-साथ भारत तकनीकी मोर्चे पर भी सहयोग कर रहा है। काठमांडू में तैनात एक भारतीय फोरेंसिक टीम 1,400 से अधिक डीएनए नमूनों की जांच कर रही है। अब तक 378 डीएनए प्रोफाइल तैयार किए जा चुके हैं, जिससे पीड़ितों की पहचान में मदद मिलेगी।
भारत का सहयोग जारी रहेगा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "एक करीबी दोस्त और पड़ोसी होने के नाते भारत ने तुरंत प्रतिक्रिया दी है और नेपाल के राहत, बचाव और पुनर्निर्माण के प्रयासों में मदद करना जारी रखेगा।" उन्होंने पुष्टि की कि भारत ने 95 टन राहत सामग्री भेजी है और कुछ और सामग्री जल्द ही भेजी जाएगी। जायसवाल ने कहा, "हमारी फोरेंसिक टीम और टनल रेस्क्यू टीम, दोनों ही टीमें मौके पर काम कर रही हैं।" उन्होंने नेपाल के लोगों और सरकार के प्रति एकजुटता और सहानुभूति व्यक्त की।
इनपुट: IANS



