नेपाल-तिब्बत में आई बाढ़: कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तमिलनाडु के 21 भारतीयों को बचाया गया
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को पुष्टि की कि ये सभी नागरिक तमिलनाडु के रहने वाले…
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को पुष्टि की कि ये सभी नागरिक तमिलनाडु के रहने वाले हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इन सभी 21 लोगों के नामों की सूची भी जारी की है।
मंत्रालय द्वारा 27 अगस्त 2026, दोपहर एक बजे तक जारी की गई सूची के अनुसार, बचाए गए लोगों में शिवरंजनी मुथुनाथन, कर्पगम राजमोहन, मारन गोविंदासामी, शांति मारन, और मुथुकुमारेसन रामलिंगम समेत अन्य लोग शामिल हैं। इन सभी को नेपाल के टिमुरे इलाके से रेस्क्यू किया गया।
बचाव कार्य और लापता भारतीय
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि बचाव अभियान जारी है, लेकिन अभी भी 288 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा, "नेपाल में 288 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें 73 लोग त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में काम करते हैं। अब तक 21 भारतीयों को सुरक्षित बचाया गया है।" जायसवाल ने यह भी जानकारी दी कि तिब्बत में फंसे करीब 200 अन्य भारतीयों से भी लगातार संपर्क स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।
भारत की ओर से मदद का आश्वासन
बुधवार सुबह नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई इस विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों की संख्या 270 तक पहुँच गई है, जैसा कि नेपाल पुलिस ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है। इस संकट की घड़ी में भारत ने नेपाल को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से फोन पर बात कर अपनी संवेदना व्यक्त की है। प्रवक्ता के अनुसार, भारत नेपाल की मांग पर राहत सामग्री और बेली ब्रिज भेज रहा है। स्थिति पर नज़र रखने के लिए विदेश मंत्रालय ने एक 24-घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इसके अलावा, काठमांडू और बीजिंग में स्थित भारतीय दूतावासों में भी चौबीसों घंटे हेल्पलाइन सेवाएं शुरू कर दी गई हैं।
इनपुट: IANS



