नेपाल में बाढ़ की तबाही: एप्पल CEO टिम कुक ने मदद का ऐलान किया, भारत ने भी भेजी राहत सामग्री
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ से मची तबाही के बाद दुनियाभर से मदद के हाथ आगे बढ़ रहे हैं। इस कड़ी में एप्पल के CEO टिम कुक ने भी प्रभावितों के लिए आर्थिक सहयोग की घोषणा की है। समाचार एजेंसी…
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ से मची तबाही के बाद दुनियाभर से मदद के हाथ आगे बढ़ रहे हैं। इस कड़ी में एप्पल के CEO टिम कुक ने भी प्रभावितों के लिए आर्थिक सहयोग की घोषणा की है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, कुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर नेपाल और तिब्बत में बाढ़ और भूस्खलन पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
अपने पोस्ट में टिम कुक ने लिखा, "नेपाल और तिब्बत में आई भयावह बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित सभी लोगों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं। राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में मदद के लिए एप्पल जमीनी स्तर पर चल रहे प्रयासों को समर्थन देने हेतु एक आर्थिक सहायता राशि दान कर रहा है।"
भारत ने भेजी मानवीय सहायता
इस संकट की घड़ी में भारत भी नेपाल की लगातार मदद कर रहा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि राहत और बचाव कार्यों के लिए मानवीय सहायता भेजी जा रही है। भारत ने बुधवार को 10 टन और गुरुवार को 37.5 टन राहत सामग्री की खेप नेपाल भेजी। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने यह सहायता सामग्री औपचारिक रूप से नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क राज पौडेल को सौंपी। इस सामग्री में बाढ़ पीड़ितों के लिए ज़रूरी वस्तुएं शामिल हैं।
अचानक आई आपदा, 450 से ज़्यादा मौतें
नेपाल में यह जल प्रलय 26 अगस्त को तब आया जब भोटेकोसी नदी की सहायक नदी 'ल्हेन्डे' का प्रवाह एक हिमस्खलन के कारण बाधित हो गया। इस आपदा में अब तक 450 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे पहले नेपाल-तिब्बत सीमा के पास रसुवागढ़ी क्षेत्र का तिमुरे गांव इसकी चपेट में आया। रिपोर्टों के मुताबिक, उस इलाके में बारिश नहीं हो रही थी, इसलिए लोगों को इस तरह की अचानक आई बाढ़ का कोई अंदेशा नहीं था और वे अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे।
इनपुट: IANS



