नेपाल बाढ़ त्रासदी: भारत ने जताया गहरा दुख, केंद्रीय मंत्री बोले- हम पड़ोसी देश के साथ मज़बूती से खड़े हैं
पड़ोसी देश नेपाल में आई भीषण बाढ़ की तबाही पर भारत ने गहरा दुख और एकजुटता व्यक्त की है। केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया है कि इस मुश्किल घड़ी में भारत नेपाल के साथ मज़बूती से खड़ा है। समाचार एजेंसी IANS…
पड़ोसी देश नेपाल में आई भीषण बाढ़ की तबाही पर भारत ने गहरा दुख और एकजुटता व्यक्त की है। केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया है कि इस मुश्किल घड़ी में भारत नेपाल के साथ मज़बूती से खड़ा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने इस त्रासदी को 'बहुत दुखद स्थिति' बताते हुए कहा कि भारत सरकार नेपाल के लोगों के प्रति पूरी सहानुभूति रखती है।
उन्होंने कहा, “इतनी भयंकर बाढ़ आई है। नेपाल हमारा पड़ोसी देश है और हमारे भाई-बहन वहां रहते हैं। हम सहानुभूति के साथ उनके साथ खड़े हैं। भारत सरकार उनके साथ खड़ी होने की कोशिश कर रही है।” इस त्रासदी पर कोलकाता में नेपाल के महावाणिज्यदूत झक्का प्रसाद आचार्य ने कहा कि यह देश के इतिहास की एक अभूतपूर्व आपदा है, जिसमें लगभग 826 लोग लापता हैं और 165 शव बरामद किए गए हैं।
सांसदों और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
भाजपा सांसद मनोज तिग्गा ने भी इस घटना को 'बेहद दर्दनाक' बताया। उन्होंने कहा, “नेपाल में हुई घटना में मैं उन सभी परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करना चाहता हूं जिन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया है।” उन्होंने जानकारी दी कि 750 से ज़्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है और कई अब भी लापता हैं।
इस बीच, नेपाल की बाढ़ का असर भारत के सीमावर्ती राज्यों पर भी पड़ सकता है, जिसे लेकर प्रशासन सतर्क है। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के एडीएम ज्ञान चंद गुप्ता ने बताया कि नेपाल का बाढ़ का पानी मुख्य रूप से गंडक नदी में जाता है, जिससे बिहार राज्य अधिक प्रभावित होता है। उन्होंने कहा, “फिलहाल घाघरा नदी का जल स्तर नीचे जा रहा है, तो ऐसी कोई समस्या उत्पन्न नहीं हुई है। हमारी तैयारी पूर्ण है और टीमें तैनात हैं।”
'खेलो इंडिया' कार्यक्रम में भी हुई चर्चा
यह बयान केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने मालदा में 'खेलो इंडिया डायलॉग, खेल की बात, पीएम मोदी के साथ' कार्यक्रम के मौके पर दिया। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं और एथलीटों से बातचीत की। मजूमदार ने 'खेलो इंडिया' को प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक बड़ी पहल बताया, जिससे देश भर के लगभग 5,000 शैक्षणिक संस्थान जुड़े। इस कार्यक्रम से इतर उन्होंने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर मुस्लिम महिलाओं के प्रदर्शन पर भी टिप्पणी की, जिसे उन्होंने राहुल गांधी का आंतरिक मामला बताया।
इनपुट: IANS



